जानिए प्रदूषण से होने वाली बीमारियां और बचने के उपाय

प्रदूषण से होने वाली बहुत सी ऐसी बीमारियां हैं जो आम तौर पर देखी जा सकती और बहुत हानिकारक होती हैं। हमारा प्रदूषण से बचना बहुत मुश्किल होता है। हम अक्सर प्रदूषण से घिरे रहते हैं। आजकल हवा में प्रदूषण की मात्रा हर जगह मिलेगी। चाहे घर हो या घर के बाहर, चाहे हम ऑफिस में हों या कहीं और हर जगह प्रदूषण से घिरे हैं। प्रदूषण से बचना हमारे लिए मुश्किल काम है लेकिन नामुमकिन नहीं। देश में इस वक्त प्रदूषण मुख्य समस्या बना हुआ है। वैसे तो प्रदूषण के कई प्रकार होते हैं लेकिन अगर वायु प्रदूषण की बात करें तो वो सबसे हानिकारक होता है।

दुष्प्रभाव और बीमारियां
प्रदूषण से बचकर हम इससे पड़ने वाले दुष्प्रभाव और बीमरियों से खुद की और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं। वायु प्रदूषण इंसान के शरीर में जल्दी असर करता हैं क्योंकि यह सांस के साथ हवा के रूप मे शरीर मे पहुंचता है। वायु प्रदूषण से दमा, खांसी, आंखों की रोशनी कमजोर होना,सिरदर्द रहना, फेफड़ों में संक्रमण होना जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ कर सकता है।

बचाव ही उपाय
वायु प्रदूषण से बचाव ही इसका उपाय है। इससे बचने के लिए सबसे पहले जल्दी उठकर ताजी हवा शरीर के अंदर लें। अगर आप योग करते हैं तो यह तो बहुत अच्छी बात होगी। योग में स्वच्छ हवा शरीर में लेने की बहुत सी मुद्राएं हैं। अगर आप योग नहीं कर सकते तो आप इसके अलावा बहुत से आसान तरीकों से वायू प्रदूषण से बच सकते हैं।

सुबह जल्दी उठकर टहलने जाएं
ताजी हवा शरीर में लेने के लिए सुबह जल्दी घर से उठकर टहलने निकल जाएं। अगर आपके घर के पास कोई गार्डन है तो वहां जाकर हरियाली या पेड़ के पास खड़े होकर लंबी सांस अंदर खींचे और बाहर छोड़ें। पेड़ों से निकलने वाला    आंक्सीजन शरीर में जाता है तो शरीर में नई स्फूर्ति भर देता है। इसके अलावा अगर आप घर से बाहर टहलने नहीं जा सकते तो घर के अहाते या छत पर खड़े होकर भी आप लंबी सांस अंदर, बाहर छोड़ने की प्रक्रिया अपना सकते हैं।

चेहरे को मास्क से ढककर रखें
अगर आपके आसपास प्रदूषण की मात्रा ज्यादा है तो आप चेहरे को मास्क से ढककर रखें। इससे प्रदूषित हवा को शरीर मे जाने से रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा ऐसी जगह जाने या रहने से बचें जहां ज्यादा भीड़भाड़ वाली हो या ज्यादा यातायात का दबाव हो।

ऐसी जगह से बचें
इंडस्टियल क्षेत्रों के आसपास रहने या जाने से बचें क्योंकि यहां फैक्टियों की तादाद ज्यादा होती है और इन फैक्टियों से निकलने वाला धुआं कैमिकल युक्त होता है और शरीर में पहुंचकर बीमारियां पैदा करता है।