जानिए बची हुई चायपत्ती के फायदे !

हमारे घरो में दिन में शुरुआत चाय से ही होती है। कुछ लोग तो चाय पीने के बाद ही बिस्तर से उठते है। हम अकसर चाय बनाने के बाद चाय की पत्ती को कूड़े दान में डाल देते है लेकिन क्या आप जानते है इस महंगी प्रयोग में लाई हुई चाय पत्ती के अनेकों फायदे है? इन्हे आप अपने दैनिक कार्यो में इस्तेमाल कर सकती है। आइये जानते है इस बची हुई चायपत्ती के कुछ घरेलु फायदे –

संक्रमण से बचाए – चाय पत्ती एंटीऑक्सीडेंट होती है। इसका प्रयोग हम छोटी मोटी चोट व घाव को भरने के प्रयोग में ला सकते है। चाय की पत्ती हमे संक्रमण से बचाती है। चोट या घाव में इस्तेमाल करने के लिए आप चाय पत्ती को उबाल लें और इसे चोट पर लगा लें। आप चाय के उबले पानी से अपनी चोट व घाव को धो भी सकते है। यह आपको संक्रमित होने से बचाती है।

फर्नीचर चमकाएं – चायपत्ती का प्रयोग हम लकड़ी से बने फर्नीचर को चमकाने में भी कर सकते है। इस्तेमाल हुई चायपत्ती को दोबारा पानी में उबाल लें और इसको किसी बोतल में भरकर रख लें। इस पानी से लकड़ी के फर्नीचर को सफाई करने से उनमे नई की चमक आ जाती है।

काबुली चने बनाने में इस्तेमाल करें – आप यूज़ की हुई चायपत्ती को सुखा लें। काबुली चना बनाते समय इस चायपत्ती की पोटली बनाकर डाल दें। उबले हुए चने के पानी में काबुली चनों की रंगत और बढ़ जाएगी और काबुली चने और भी स्वादिष्ट बनेंगे।

कंडीशनर का काम करे – चायपत्ती बालो में कंडीशनर का काम करती है। बालो में शाइन लाने में चायपत्ती बहुत ही फायदेमंद होती है। इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती को पुनः धो लें व उबाल लें। इस पानी को अपने बाल धोने में इस्तेमाल करें। अगर आप नियमित ऐसा करती है तो आपके बालो में तुरंत चमक आ जाएगी।

क्रॉकरी चमकाए – आप बर्तन धोने के पाउडर में चाय पत्ती मिला लें और इससे अपनी क्रॉकरी साफ़ करें, आपकी क्रॉकरी चमकने लगेगी।

खाद का काम करे – पौधों को पनपने के लिए नियमित रूप से खाद की आवश्यकता होती है। आप यूज़ की हुई चायपत्ती को धो कर साफ़ कर लें और इसे गमलो की मिटटी में मिला लें। इससे आपके पौधे पनपने लगेंगे।

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