जानिए ब्रैस्ट कैंसर के कारण प्रारंभिक लक्षण और बचने के आसान तरीका !

आज की भाग दौड़ भरी ज़िदगी में हम कभी कभी ये भी भूल जाते हैं या इग्नोर करते हैं की हमे कोई परेशानी भी है और वही परेशानी एक समय हमारे लिए जानलेवा बन जाती है स्तन कैंसर यानि ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाली बहुत सी बीमारियों में से एक है। वो हमारी भाग दौड़ भरी जिंदगी में कब हमे अपने चपेट में ले ले पता ही नही चलता हालांकि विभिन्न शोधों के मुताबिक ये बात भी पता चली है कि स्तन कैंसर पुरुषों में भी हो सकता है, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इसके मामले अधिक मात्रा में सामने आते हैं लेकिन बहरहाल अब इससे संबंधित अच्छी खबर यह है कि अब अधिकतर महिलाएं खुद इस कैंसर की पहचान कर अपना इलाज करवाकर इससे निजात पा सकती है।

आखिर क्या है स्तन कैंसर  

स्तन कैंसर के बारे अगर बात की जाए तो इसका निर्माण असामान्य कोशिकाओं के समूह के अनियंत्रित ढंग से बढ़ने के कारण होता है । यहाँ पर काबिलेगौर बात ये है कि ऐसी कोशिकाओं का समूह ही अक्सरो बेश्तर ट्यूमर का निर्माण करता है। स्तन कैंसर में ये ट्यूमर आसपास के क़रीबी टिश्यूज में भी फैल जाता है और कभी-कभी शरीर के अन्य भागों तक पहुँच सम्पूर्ण जिस्म को भी प्रभावित करता है कई भार इसका प्रभाव इतना बढ़ जाता है की जानलेवा भी हो जाता है ।

क्या होते है स्तन कैंसर का कारण

वैसे तो ब्रेस्ट कैंसर  के बहुत से कारक और कारण होते हैं लेकिन इनमें खासकर धूम्रपान, मोटापा, व्यायाम की कमी और अस्वास्थ्यकर आहार जैसे जीवन शैली से संबंधित कारक स्तन कैंसर से पीड़ित होने को बढ़ा देते है। कई बार गलत तरीके से करवाया गया स्तनपान भी इसकी बड़ी वजह बनता है स्तन यानि छाती के कैंसर के मामले में महिलाएं आम तौर पर सबसे पहले अपने स्तन में हल्की सी गांठ का अनुभव करती है और वहीं कुछ महिलाएं अपने स्तन में तेज दर्द और कभी कभी स्तन के कुछ मुलायम होने का भी अनुभव करने लगती हैं।

स्तन कैंसर के प्रारंभिक लक्षण

स्तन कैंसर के बहुत से लक्षण है जिनमें कुछ सामान्य रूप से सभी रोगियों में देखे जाते है। जैसे स्तन (निप्पल) के आकार में परिवर्तन और साथ ही एक नयी गांठ जो अगली माहवारी के बाद भी खत्म नहीं होती या स्तन के दौरान निप्पल से लाल, भूरे, या कभी कभी पीले रंग के स्राव का निकलना। बगैर किसी ख़ास कारण या वजूहात केे स्तन का लाल हो जाना साथ ही कॉलस्बोन या कांख के पास सूजन या गांठ का।

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