जानिए मीठी मिश्री के ये अनोखे स्वास्थ लाभ

शक्कर के जमे हुए कण को मिश्री कहते हैं। मिश्री उत्पादन का मूल स्त्रोत भारत और पर्शीया है। मिश्री स्वाभाविक रूप से ही मिठास का दूसरा नाम है। किसी भी मीठी बात या सौम्य व्यक्ति को मिश्री की डली का विशेषण दिया जाता है। अगर किसी की मीठी वाणी हो तो उसे कानों में मिश्री घोलना कहा जाता है, लेकिन मिश्री सिर्फ स्वाद से ही मीठी नहीं होती, बल्कि मिश्री के सेहत से जुड़े कई फायदे भी हैं।

माउथ फ्रैशनर : सौंफ के साथ मिश्री का इस्तेमाल करने से मुहं की बंदबू दूर होती है। इसका मीठा स्‍वाद और फ्लेवर न केवल आपको तरोताजा महसूस करवाता है बल्कि मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को भी खत्म करता है।

ताजा पेय मिश्री : कई लोग मिश्री का इस्तेमाल ताजा पेय के रूप में करते है। एक गिलास पानी में मिश्री पाऊडर मिलाकर पीने से दिमाग और शरीर ठीक रहता है और तनाव से निजात मिलता है।

खांसी से छुटकारा : बदलते मौसम के कारण बच्चे सर्दी और खांसी की चपेट में जल्दी आ जाते है। ऐसे में बच्चे को मिश्री खिलाने से तुरंत आराम मिलता है।

गले में खराश : आप जुकाम और गले की खराश से परेशान है तो मिश्री से बना पानी पीने से काफी हद तक आराम मिलता है। इसके अलावा आप मिश्री का छोटा टुकड़ा चूस भी सकते है। इससे भी फायदा होता है।

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