जाने यह उपचार अगर आप भी है सफेद दाग से पीड़ित

सफेद रोग एक प्रकार की खतरनाक बीमारी अर्थात संक्रमण है जो शरीर पर हो जाती है जिसके कारण शरीर बहुत गंदा दिखने लगता है। इसके कारणों का ठीक-ठीक पता नहीं चलता। यह प्रायः गर्म देशों में गोरों की अपेक्षा कालों को अधिक होता है। शरीर में उपदंश या पारा विष, ग्रेवडिजीज, नाड़ी जन्य विकार जिसमें रीढ़ की हड्डी खराब हो और सेष्टिक कोकम्स आदि के कारण होता है।

इसके लक्षण

शरीर की त्वचा पर सफेद दाग निकलते हैं। उस स्थान के रोम तक सफेद हो जाते हैं। कभी-कभी एक अंग का पूरा भाग सफेद हो जाता है। इस रोग में केवल चमड़े के ऊपरी भाग का सूक्ष्म पतला पर्दा ही आक्रान्त होता है। इसलिए रोगी भी कष्ट अनुभव नहीं करता केवल देखने में ही बुरा लगता है। यह स्पर्शक्रामक रोग नहीं है, इसलिए एक व्यक्ति के आक्रांत होने पर उसके स्पर्श से दूसरे व्यक्ति को आक्रांत होने का कोई भय नहीं है। इसमें रोगी का पूरा शरीर सफेद हो जाता है। यह बीमारी आजीवन चला करती है। कभी-कभी यह अपने आप ही ठीक भी हो जाती है।

आयुर्वेदिक उपचार

बादाम के छिलकों का तेल शरीर पर उभर आए सफेद दागों पर मलने से सफेद दाग में फायदा होता है।

यदि शरीर के किसी भाग में कोढ़ या सफेद दाग के प्रारंभिक लक्षण दिखें तो उस पर हल्दी के तेल की मालिश करें। हल्दी और सरसों बराबर मात्रा में मिलाकर कोल्हू में चलवा लें। यही हल्दी का तेल है। इस तेल की मालिस से त्वचा के सारे विकार दूर हो जाते हैं।

सवा सौ ग्राम पिसी हुई हल्दी पाँच सौ ग्राम स्प्रिट में मिलाकर शीशी में कार्क लगाकर धूप में रख दें। दिन में 2-3 बार जोर से हिलायें। तीन दिन बाद छानकर फिर शीशी मे रख लें। यह हल्दी की टिंचर है। इसे सफेद दागों पर नित्य तीन बार लगायें, लाभ होगा।

श्वेत कुष्ठ रोग के प्रारंभ होते ही अंजीर के पत्तों का दूध दागों पर दिन में दो बार लगाने से सफेद दाग दूर हो जाते हैं।

बीस ग्राम काले चने, दस ग्राम त्रिफला चूर्ण रोज रात को भिगोकर रख दें। सुबह चनों को कपड़े में बाँधकर अंकुरित होने दें। फिर उन्हें चबा-बचा कर खाएँ। लगातार कुछ महीनां तक नियमित सेवन से सफेद दागों में फायदा होता है।

सफेद दाग होने पर नियमित तुलसी का रस लगाइये, लाभ होगा।

त्रिफला चूर्ण, बायबिडंग और पीपर पच्चीस-पच्चीस ग्राम की मात्रा पीस कर छान लें। पाँच ग्राम चूर्ण पाँच ग्राम गौघृत में मिलाकर फाँक जायें और ऊपर से शहद चाट लें।

अंजीर के पत्तों की लुगदी सफेद स्थान पर चालीस दिन बाँधें। उसके बाद चालीस दिन तक अंजीर का दूध सफेद स्थान पर लगाएँ। फायदा होगा।

उड़द को सिल पर पीसकर सफेद दाग पर प्रतिदिन लगाइए। तीन मास में निशान हट जाएगा।

एक जड़ सहित तुलसी का पौधा लें। इसे धोकर मिट्टी साफ कर लें। इसे कूट कर आधा किलो पानी तथा आधा किलो तिल के तेल मे मिलाकर धीमी-धीमी आँच पर पकायें। पानी जल जाने पर तेल शेष रह जायेगा। मसलकर छान लें। इस तुलसी के तेल को सफेद दाग, खुजली की फुन्सियों, घाव आदि पर नित्य तीन बार लगायें।

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