जानिये, खट्टे फलों को खाने से आप कौन सी बीमारियों से पा सकते हैं छुटकारा

ब्राजील में वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन में ये बताया गया कि संतरे और अन्य संतरे जैसे खट्टे फलों को खाने से फैट को कम किया जा सकता है। इसका सफलतापूर्वक टेस्ट माउस मॉडल पर किया जा चुका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि खट्टे फलों में बहुत ज्यादा मात्रा में flavanones पाए जाते हैं जो कि एक तरह से एंटीऑक्सीडेंट की तरह ही काम करते हैं। इनका सेवन करने से लीवर की सुरक्षा होने के साथ-साथ कम तनाव औऱ खून में ग्लूकोज की मात्रा भी बनी रहती है।

मोटापे के कारण फैट पैदा करने वाली कोशिकाएं फैलना शुरू हो जाती है। इन बढ़ी हुई कोशिकाओं के कारण उनकी प्रतिक्रिया तेज हो जाती है जो कि ऑक्सीडेटिव नामक तनाव का भी कारण बन सकती है। इसके लिए जो अध्ययन किया गया था उसमें जो खट्टे फल शामिल किए गए थे उनमें तीन प्रकार के फ्लैवनॉन पाए गए थे जिनमें कि हिस्पपरिडिन, एरीओसिट्रिन और एरियोडीटीयोल थे। इन फलों में संतरा, नींबू शामिल किया गया था। उन्होंने eriocitrin और eriodictyol साथ हाई फैट डाइट के बीच संबंध पाया गया।

इसके साथ ही उन्होंने ये पाया कि चूहों पर किए गए टेस्ट में उन्हें पता चला कि उनकी सेल्स साइट्रस फलों के प्रति अधिक प्रतिक्रियाशील होती है जिससे कि उनके खून में ग्लूकोज की मात्रा 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। सभी तीन प्रकार के फ्लैनोन्स की मदद से चूहों का वजन कम किया गया जो कि एंटीऑक्सिडेंट के सवन से खून में सुगर का लेवल भी बढ़ा हुआ पाया गया।

इस अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों को ये उम्मीद है कि आने वाले समय में फ्लॉनानेस की मदद से मेडिकल के क्षेत्र में कोई एक सबसे अच्छा तरीका खोजा जा सकता है। जो कि एक एंटीऑक्सीडेंट गोली की तरह काम करें।