जानिये कौन हैं म्यांमार में तख्तापलट करने वाली सेना के चीफ मिन आंग लाइंग

म्यांमार सेना द्वारा देश में तख्तापलट की अमेरिका और भारत समेत कई बड़े देशों ने आलोचना की हैं। देश में तख्तापलट हुआ तो दो नाम तेजी से उछले जिसमें स्टेट काउंसलर आंग सान सू और म्यांमार सेना के प्रमुख सीनियर जनरल मिन आंग लाइंग का था। आंग सान सू से तो लगभग सभी लोग परिचित हैं लेकिन अधिकतर लोगों के लिए मिन आंग लाइंग का नाम नया था। चलिए इस लेख में आज इस शख्शियत के बारे में जानते है, जो तख्तापलट का कारण बना।

म्यांमार सेना प्रमुख सीनियर जनरल मिन आंग लाइंग के नेतृत्व में देश में सेना ने एक साल के लिए आपातकाल लगा दिया है और अब अगले साल चुनाव होंगे। तखतपाल के बाद देश की सत्ता अब लाइंग के पास होगी। 64 वर्षीय लाइंग ने साल 1972-74 तक यंगून यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई की, उस दौरान देश में राजनीति में सुधार की लड़ाई जोरों पर थी। मिन आंग लाइंग साल 2011 में म्यांमार सेना प्रमुख बने और उस वक्त म्यांमार लोकतंत्र की तरफ बढ़ रहा था।

सेना के जवान से राजनेता तक का सफर

रंगून के राजनयिकों का कहना है कि साल 2016 में जब आंग सान सू की का पहला कार्यकाल शुरू हुआ, तब तक आंग लाइंग ने खुद को एक चुप रहने वाले सैनिक से एक राजनेता और लोकप्रिय शख्सियत में बदल लिया था। सोशल मीडिया ने भी मिन आंग लाइंग की लोकप्रियता में काफी इजाफा किया।

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