जानिये मनोरोग से ग्रस्त लोगो को समाज का सामना करने में क्यों होती है घबराहट

डरना बेहद सामान्य भाव है। लेकिन जब कोई व्यक्ति लोगों से मिलने में डरने लगे, हमेशा अकेला रहना पसंद करे तो यह एक बीमारी है। इसे एगोराफोबिया कहा जाता है। यह एक किस्म से सोशल फोबिया है, जो टेंशन और डिप्रेशन की वजह से होता है।

कैसे पहचानें
इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को अपने आसपास के वातावरण से जुड़ी किसी भी सामाजिक स्थिति का सामना करने में घबराहट हो सकती है। ऐसे लोगों को आम तौर पर भीड़ भरे सार्वजनिक स्थलों पर जाते हुए घबराहट होती है।

लक्षण
जब कोई व्यक्ति भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचता है, वहां पहुंचकर उसका गला सूखता है, दिल की धड़कन और सांसों की गति बढ़ जाती है, ज्यादा पसीना निकलता है, हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते हैं।

वजह
आत्मविश्वास की कमी, भीड़ से जुड़ा बचपन का कोई बुरा अनुभव और नकारात्मक विचार इस मनोरोग के लिए जिम्मेदार होते हैं।

उपचार
सही समय पर इलज कराया जाए, तो दवा और काउंसलिंग के जरिए इसका उपचार किया जा सकता है। इसके अलावा बिहेवियर थैरेपी के जरिए आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश की जाती है।

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