जानिए आखिर क्यों कामकाजी महिलाओं में बढ़ रहा है हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा!

इस देश में जो भी महिलाएं बहुत अधिक स्ट्रेस और प्रेशर में जॉब करती हैं उन्हें बेहतर माहौल में काम करने वाली महिलाओं की तुलना में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और बाईपास सर्जरी का खतरा बहुत ज्यादा होता है। अगर महिलाओं में जॉब के दौरान स्ट्रेस या काम का प्रेशर कम होता है तो उन्हें इस बीमारी का भी खतरा कम है। एक इंटरनैशनल स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है।

10 साल तक 17,000 महिलाओं पर की गई इस स्टडी में यह बात सामने आई है कि बहुत अधिक स्ट्रेस के माहौल में काम करने वाली महिलाओं को दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा 40 प्रतिशत तक ज्यादा होता है। स्ट्रेस वाली जॉब में ऐसे काम भी शामिल हैं, जिनमें मेहनत बहुत ज्यादा होती है, लेकिन फैसला लेने का अधिकार और क्रिएटिविटी बहुत ही ज्यादा कम होती है। कम मेहनत वाले और ज्यादा अधिकार के साथ काम करने वाली महिलाओं की तुलना में नौकरी में काम करने के तरीके चुनने की आजादी के बिना ज्यादा मेहनत वाला काम करने वाली महिलाओं में दिल के दौरा पड़ने की संभावना करीब दोगुनी होती है।

इस बारे में आईएमए के प्रेजिडेंट और हार्ट स्पेशलिस्ट का कहना है कि फाइट हार्मोन के रिसाव से होने वाला स्ट्रेस नुकसानदायक हो सकता है, जिससे शरीर में सूजन और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। ऐसी जगह में महिलाओं को नौकरी जाने का बहुत ज्यादा डर होता है, इसलिए उनमें दिल के रोगों को बढ़ाने वाले हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल और ज्यादा वजन जैसे लक्षण बहुत अधिक पाए जाते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि कामकाजी स्ट्रेस से कोरोनरी आरटरी में सूजन शुरू हो सकती है, जिससे ब्लड के थक्के जम सकते हैं जो दिल का दौरा पड़ने का कारण भी बन सकता है।

डॉक्टर का कहना है कि बहुत अधिक स्ट्रेस वाली नौकरी कर रही महिलाओं को अपनी जीवनशैली पर अधिक ध्यान देना चाहिए और स्ट्रेस बढ़ाने वाले कारणों को दूर करने की कोशिश अवश्य करनी चाहिए। ज्यादा स्ट्रेस उसे कहा जाता है जब काम में जिम्मेदारी या मेहनत बहुत ज़्यादा हो लेकिन कंट्रोल की आजादी बहुत कम मिले। कम संसाधनों के साथ नौकरी करते हुए बच्चों, उम्रदराज़ पैरंट्स या रिश्तेदारों की देखभाल करना और घर भी चलाने की जिम्मेदारी होना, इसके अनेक उदाहरण हो सकते हैं। यह हालात महिलाओं पर हावी ना हो जाएं, इससे बचना बहुत ही जरूरी है।

इन बातों पर करें गौर
– काम के बाद निजी जीवन में कामकाज की दखलअंदाजी जैसे कि काम से जुड़े ईमेल आदि से अवश्य बचें।
– स्ट्रेस कम करने के लिए ध्यान और गहरी सांस लेने का योग का अभ्यास करें।
– ऑफिस का कम से कम काम घर लाएं।
-नियमित एक्सर्साइज करें, यह दिल के रोगों और स्ट्रोक्स के खतरे को बहुत कम करता है।

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