लालू की आरोप से मुक्त किए जाने की याचिका खारिज

बिहार में पटना स्थित एक विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की ओर से मानहानि के एक मामले में दाखिल आरोप विमुक्ति याचिका आज खारिज कर दी l

सांसदों एवं विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए गठित एक विशेष अदालत के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आदिदेव ने श्री यादव की ओर से दंड प्रक्रिया संहिंता की धारा 258 के तहत दायर की गई याचिका पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उसे खारिज कर दिया।

 

साथ ही अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपने गवाह पेश करने के लिए 23 जून 2022 की अगली तिथि निश्चित की है। याचिका में कहा गया था कि मामले के परिवाद पत्र के अवलोकन से मानहानि का मामला नहीं बनता है इसलिए उन्हें आरोपों से मुक्त किया जाए।

मामला वर्ष 2017 का है। एक शिक्षाविद उदयकांत मिश्रा के परिवाद पत्र के आधार पर यह शिकायती मुकदमा संख्या 45 30(सी) 2017 दर्ज किया गया था। मुकदमे में श्री यादव के उस बयान को मानहानि वाला बताया गया है, जिसमें सृजन घोटाले के संदर्भ में कथित रूप से श्री यादव ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार घोटाले के बारे में जानते थे, वह बताएं की भागलपुर में उदयकांत मिश्रा के घर क्यों ठहरते हैं।

 

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