विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की नेता प्रतिपक्ष ने

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने आज कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र की अवधि कम से कम तीन सप्ताह की जाना चाहिए।


डॉ सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखते हुए कहा कि मानसून सत्र के लिए 25 से 29 जुलाई तक की अवधि निर्धारित की गयी है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान विपक्ष जनहित के मुद्दों पर चर्चा भी करना चाहता है, इसलिए सत्र कम से कम तीन सप्ताह का किया जाना चाहिए।


उन्होंने विधानसभा का मानसून सत्र महज पांच दिन रखे जाने पर आपत्ति व्यक्त की और आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए विपक्ष और जनता की आवाज को दबाने का काम कर रहा है। यह लोकतंत्र का गला घोंटने का काम भी है।

 


नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में लिखा है कि विधानसभा प्रजातंत्र का पवित्र मंदिर है और राज्य की संपूर्ण जनता का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें राज्य की जनता के हितों के ज्वलंत मुद्दे और सरकार की नाकामियों को उजागर करने का कार्य भी किया जाता है। सत्र में भ्रष्ट्राचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने के अवसर प्राप्त होते हैं, लेकिन प्रदेश में जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से सदन की बैठकों में निरन्तर कमी होती जा रही है।

 


उन्होंने राज्य से संबंधित अनेक समस्याओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि सत्र की अवधि बढ़ायी जाए। कांग्रेस नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवधि नहीं बढ़ायी गयी, तो कांग्रेस इस रवैये का पुरजोर विरोध करेगी।

 

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