जानिये कैसे रोकें खुद को ज्यादा खाना खाने से

बिंज ईटिंग डिसऑर्डर भोजन संबंधी अनियमितताओं से होने वाली एक गंभीर समस्या हैं। इस समस्या में आपका खुद का व्यवहार बहुत अधिक सहायक हो सकता है।कभी-कभार ओवरइटिंग हो जाना आम बात है। लेकिन बिंज ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रसित लोगों के साथ ऐसा बार-बार होता है। वे न तो खाने की मात्रा को ध्यान में रख पाते हैं और न ही इस बात पर फोकस कर पाते हैं कि वे क्या खा रहे हैं।

वे अक्सर बीमार पड़ने की हद तक खाते हैं और भूख न होने पर भी खाते हैं। इसके बाद वे दुख, ग्लानि में घिर जाते हैं। यह भावना इस तीव्रता तक पहुंच जाती है कि पीड़ित अपने परिवार और दोस्तों से छुपाकर खाने लगता है। यह बुलिमिया की तकलीफ से भिन्न समस्या है। बिंज ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रसित होने वालों में किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है लेकिन महिलाओं और टीनेजर्स में इसका असर अधिक पाया जाता है। इसके चलते मोटापा बढ़ने के साथ ही लाइफस्टाइल डिसीज जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज आदि होने का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या से ग्रसित लोगों में अन्य मानसिक तकलीफें भी साथ में पनप सकती हैं, जैसे बाइपोलर डिसऑर्डर, डिप्रेशन, एंग्जायटी आदि।

जैसे ही आप अपने भोजन को लेकर इस डिसऑर्डर महसूस करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।कॉग्निटिव बिहेवियरल थैरेपी, इंटरपर्सनल थैरेपी तथा डायलेक्टिकल बिहेवियर थैरेपी के जरिए नकारात्मक विचारों को बहुत हद तक दूर किया जा सकता है। न्यूट्रीशनिस्ट से मार्गदर्शन लें।दवाइयां समय पर लें और डोज को पूरा करें। संतुलित भोजन का विकल्प चुनें।खुद को रचनात्मक कार्यों में व्यस्त करें।इस समस्या के लिए लक्षणों के नजर आते ही तुरंत इलाज और प्रबंधन शुरू करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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