जानें लक्षण और बचाव, थोड़ी सी लापरवाही सांस के मरीजों को दे सकती है अस्थमा अटैक

सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है अस्थमा। जिसमें गला व छाती सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। इस बीमारी में फेफड़ों को सही मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाती है और सांस लेने में मरीज को समस्या होती है। बदलते दौर में अस्थमा की बीमारी सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। जीवनशैली में बदलाव और बढ़ता प्रदूषण अस्थमा के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है। चलिए जानते है अस्थमा की बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय।

अस्थमा के लक्षण

सांस फूलना, सांस लेते समय सीटी की आवाज आना, खांसी आना, सीने में दर्द, सीने में जकड़न आदि।

अस्थमा का उपचार

वैसे तो अस्थमा को कोई परमानेंट इलाज नहीं है। लेकिन इसे कुछ बचाव रखते हुए नियंत्रित किया जा सकता है। इस बीमारी में दवा का सेवन नियमित तौर पर जरुरी है। अस्थमा में इंहेलर्स सबसे अच्छी दवा का काम करता है, जिसकी मदद से दवा सीधे फेफड़ों में पहुंचाई जा सकती है। यह आरामदायक है।

अस्थमा से बचाव के लिए कुछ उपाय

अस्थमा मरीजों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दवा का सेवन नियमित तौर पर करना चाहिए। इसके अलावा अधिक ठंडी और खट्टी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। धूम्रपान से बचकर रहना चाहिए। सबसे जरुरी पालतू जानवरों जैसे कुत्ता, बिल्ली के संपर्क से दूर रहना बेहतर होगा।

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