जानिये प्लैंक के अभ्यास से मिलने वाले लाभ

प्लैंक एक ऐसी एक्सरसाइज है जो आपके शरीर के हर हिस्से पर प्रभाव डालती है। आपका वजन कम करने से लेकर बाॅडी की मसल्स को मजबूती देने के लिए इसका अभ्यास किया जाता है। यूं तो अधिकतर लोग प्लैंक का अभ्यास सिर्फ एक ही तरीके से करते हैं। लेकिन लगातार अभ्यास से आप इसमें कई तरह के वैरिएशन के जरिए इसका अतिरिक्त लाभ उठा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

नाॅर्मल प्लैंक

इस प्लैंक का अभ्यास बिगनर से लेकर टेंड लोग भी करते हैं। यह प्लैंक की बेसिक मुद्रा है। इसका अभ्यास करने के लिए आप सबसे पहले घुटने मोड़कर जमीन पर बैठें। साथ ही अब दोनों हथेलियों को फर्श पर टिका लें। इस दौरान आपकी बॉडी सिर से लेकर पांव तक एक ही सीध में होनी चाहिए। साथ ही शरीर का भार हथेलियों की बजाय बांहों व पैरों की अंगुलियों पर होना चाहिए। अब कुछ देर तक इसी पोजिशन में रहें। इसके बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं। शुरूआत में आप इसका अभ्यास 15 से 30 सेंकड के लिए कर सकते हैं। बाद में स्टेमिना बढ़ने के साथ-साथ इसका समय बढ़ाया जा सकता है।

प्लैंक विद शोल्डर टच

अगर आप बिगनर हैं तो आप इस प्लैंक का अभ्यास न करें। इससे आपके चोटिल हो सकते हैं। यह प्लैंक अभ्यस्त लोगों के लिए ही है। इसके करने के लिए आपको नार्मल प्लैंक की तरह ही अभ्यास करना होता है। लेकिन नार्मल प्लैंक में जहां आपके दोनों हाथ जमीन पर होते हैं, वहीं प्लैंक विद शोल्डर टच का अभ्यास करते समय आपका एक हाथ जमीन पर और दूसरा हाथ आपके शोल्डर पर होता है।

साइड प्लैंक

जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है कि यह प्लैंक साइड्स के लिए किया जाता है। इसे करने के लिए आप सबसे पहले साइड में लेट जाएं। अब अपने एक हाथ को जमीन पर रखें। दूसरा हाथ आप अपने कमर पर रखें। अब अपनी पूरी बॉडी को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान आपके शरीर का पूरा भार आपके एक हाथ पर होता है। इसमें वैरिएशन करने के लिए आप हथेलियों को जमीन पर रखने के स्थान पर हाथों को मोड़कर भी व्यायाम कर सकते हैं।