खाद्य सामग्री का सिर्फ पौष्टिक होना ही आवश्यक नहीं है

हमारे अच्छे सेहत के लिए खाद्य सामग्री का सिर्फ पौष्टिक होना ही आवश्यक नहीं है वरन् उसे पकाने और खाने का तरीका भी बहुत विशिष्ट महत्त्व रखता है।

जहां तक संभव हो सके, आवश्यकता से अधिक तापन अर्थात अधिक उबालने, भापने, तलने, भूनने, सेंकने आदि से तब तक बचना चाहिए जब तक कि बहुत अधिक आवश्यकता न हो।

बहुत अधिक पानी में पकाना और फिर उस पानी को फेंक देने से भी पौष्टिक तत्वों की हानि होती है जैसे-चावल से मॉड को पसाना, सब्जियों को उबालकर उस पानी को फेंक देना आदि।

व्यंजनों को बनाने में नमक, मिर्च, मसालों आदि का अधिक अर्थात जरूरत से अधिक इस्तेमाल भी भोजन को खराब कर देता है।

व्यंजनों को बनाने में आवश्यकता से बहुत अधिक तेल, घी आदि के इस्तेमाल से स्वास्थ्य तो बहुत खराब होता ही है, साथ ही ये वस्तुएं बिना वजह से बर्बाद भी होती हैं।

Loading...