चलिए जानते हैं सरसों का तेल इस्तेमाल करने के तरीकों के बारे में

सरसों का तेल अमूमन हर घर में इस्तेमाल होता है। कभी आप इससे सिर की मालिश करते हैं तो कभी अपनी सब्जी में तड़का लगाते हैं। आप इस तेल को चाहें खाएं या फिर लगाएं, हर रूप में यह आपको लाभ ही पहुंचाता है। इतना ही नहीं, सिर से लेकर पैर तक हर समस्या को दूर करने में आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं सरसों का तेल इस्तेमाल करने के तरीकों के बारे में-

अगर आपके बाल रूखे, दोमुंहे, पतले या बार-बार टूटते हैं तो आप अपने सिर में सरसों के तेल की मालिया करें। सरसों के तेल में ढेर सारे विटामिन्स, मिनरल्स, बीटा कैरोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फैटी एसिड पाए जाते हैं। जो आपके बालों की हर समस्या को दूर करके उसे घना करने और नए बाल उगाने मंे मदद करता है।

अगर आपको अक्सर कान में दर्द रहता है तो भी आप सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। दर्द के वक्त इसे कान में डालने से तुरंत राहत मिलती है। इसके अलावा सरसों के तेल में लहसुन डाल कर गर्म कर के भी कान में डाला जा सकता है।

दांतों के दर्द और पायरिया से लेकर दांतों के पीलेपन को दूर करने में सरसों का तेल काफी प्रभावी होता है। दांत में दर्द होने पर आप सरसों के तेल को दर्द वाली जगह पर लगाएं। वहीं पायरिया की समस्या को दूर करने के लिए आप तेल में थोड़ा सा नमक मिलाकर रोज इससे मंजन करें। थोड़े दिन में आपका पायरिया ठीक हो जाएगा।

आपको शायद पता न हो लेकिन सरसों का तेल नाभि में लगाने से आपको काफी लाभ होता है। अगर आप के होठ फट रहे हैं तो रात को सोने से पहले दो बूंद सरसों का तेल नाभि में लगाएं, सुबह तक होठ मुलायम हो जाएंगे। सरसों का तेल त्वचा के लिए मॉश्चराइजर का भी काम करता है।

जिन लोगों को अस्थमा की शिकायत होती है, उन्हें भी सरसों के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। दरअसल, सरसों के तेल में मैग्नीशियम और सेलेनियम की मात्रा भरपूर होती है इसलिए ये अस्थमा के रोगियों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपचार है। अस्थमा के दौरे में सरसों के तेल से छाती में मालिश करने पर आराम मिलता है।