आइए जानें एलोवेरा के प्रयोग से होने वाले 7 साइड-इफेक्ट्स के बारे में

त्वचा, बाल और घाव का इलाज एलोवेरा से किया जा सकता है। साथ ही एलोवेरा स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों में भी काम आता है। ऐसे में ये कहना कि एलोवेरा किसी वरदान से कम नहीं ग़लत नहीं होगा। शायद यही वजह है कि आपको हर घर में एलोवेरा का पौधा मिल जाएगा।

यहां तक कि कॉस्मेटिक और स्किन केयर कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स में एलोवेरा का खूब इस्तेमाल करती हैं। एलोवेरा के भले ही कई फायदे हों, लेकिन यह कई मामलों में नुकसान भी पहुंचा सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि एलोवेरा को चेहरे, बालों पर लगाने या फिर उसे खाने से आपको साइड-इफेक्ट्स हो जाएं।

आइए जानें एलोवेरा के प्रयोग से होने वाले 7 साइड-इफेक्ट्स के बारे में:

पेट की समस्या: एलोवेरा की पत्तियों में लेटेक्स होता है, ये पौधे की ऊपरी परत के नीचे होता है। बहुत से लोगों को लेटेक्स से एलर्जी होती है, जिसके कारण पेट में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं में पेट में जलन, ऐंठन या मरोड़ होना और पोटेशियम का लेवल लो सकता है।

स्किन एलर्जी: बहुत से लोगों को एलोवेरा जेल से एलर्जी हो सकती है। अगर ऐसे लोग एलोवेरा जेल का प्रयोग करते हैं तो स्किन में एलर्जी, आंखों में रेडनेस, स्किन रैशेज़, जलन और खुजली जैसी परेशानियां शुरू हो सकती हैं।

ब्लड शुगर स्तर कम होना: एलोवेरा जूस पीने से शरीर का ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है। एलोवेरा के जूस में लेक्सेटिव प्रभाव पाए जाते हैं, जिसकी वजह से डायबिटीज के मरीजों में इलेक्ट्रोलाइट के असंतुलन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अगर आप डायबिटिक हैं, तो एलोवेरा जूस पीने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

गर्भावस्था में: प्रेग्नेंट या फिर स्तनपान करा रहीं महिलाओं को एलोवेरा जूस के सेवन से बचना चाहिए। एलोवेरा जूस में स्किन को सिकोड़ने के गुण पाए जाते हैं। गर्भावस्था में ऐलोवेरा का सेवन बच्चे के जन्म के वक्त मुश्किलें पैदा कर सकता है।

डिहाइड्रेशन: एलोवेरा जूस में पाए जाने वाले लेक्सेटिव की वजह से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। लेक्सेटिव का प्रयोग आमतौर पर कब्ज या पेट साफ न होने पर किया जाता है।

लीवर को नुकसान: एलोवेरा में बायो एक्टिव कंपाउंड होते हैं, जो लीवर की डिटॉक्स प्रक्रिया में रुकावट पैदा कर सकते हैं।

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