चलिये जानते हैं, डायपर के इस्तेमाल करने का तरीका !

छोटे बच्चों की मांओं के लिए डायपर बेहद सहूलियत भरा है। खासतौर पर जब आपको कहीं बाहर जाना होता है तो आपको बार-बार कपडों के गीला होने या उन्हें बार-बार बदलने की आवश्यकता नहीं होती।

हालांकि डायपर बच्चे और मां दोनों के लिए ही आरामदेह होता है, लेकिन फिर भी इसे इस्तेमाल करने का एक तरीका होता है। तो चलिए जानते हैं, इसी तरीके के बारे में-

अमूमन माना जाता है कि बच्चे का डायपर हर तीन-चार घंटे में बदल देना चाहिए। लेकिन यह रूल तब काम करता है, जब बच्चा बार-बार गीला करें।

अगर बच्चा रोने लगे तो भी एकबार डायपर अवश्य चेक कर लें। हो सकता है कि बच्चे को असुविधा हो रही हो।

अमूमन माएं बच्चे का डायपर तब चेंज करती हैं, जब वह लीक करने लगता है।

आप यह गलती न करें। इससे बच्चे के संक्रमित व रैशेज होने का खतरा बना रहता है। आप दो-तीन घंटे में एक बार डायपर अवश्य चेक कर लें।

अगर बच्चे के डायपर से बदबू आ रही है तो समझ जाइए कि उसे बदलने का वक्त आ गया है।