लिवर को रखना है तंदरूस्त, अवश्य करें यह योगासन

योगाभ्यास शरीर को बाहरी व भीतरी दोनों ही रूपों में लाभ पहुंचाता है। इंटरनल बाॅडी पार्ट्स जिनकी देखरेख बाहर से करना संभव नहीं होता, योगासनों के जरिए उन्हें भी मजबूती मिलती है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे कुछ योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके लिवर के लिए काफी फायदेमंद हैं। अगर आप नियमित रूप से इनका अभ्यास करेंगे तो आपको लिवर संबंधी समस्याओं का सामना कभी भी नहीं करना पड़ेगा। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

सुप्त मत्स्येन्द्रासन को लिवर के लिए काफी अच्छा माना गया है। यह लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इतना ही नहीं, यह शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है। इस आसन को करने के लिए सर्वप्रथम जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैला दें। अब दाएं पैर को घुटने से मोड़ें। इसे ऊपर की तरफ उठा लें और दाएं पैर को बाएं घुटने पर ले जाते हुए जमीन पर टिका लें। अब दाएं कूल्हे को उठाते हुए अपनी पीठ को बाईं तरफ मोड़ें। सिर को दाईं ओर घुमाएं। इस स्थिति में जितनी देर रह सकते हैं रहें। उसके बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं।

भुजंगासन में शरीर एक सर्प की भांति दिखाई पड़ता है, इसलिए इसे भुजंगासन कहा गया है। यह न सिर्फ लिवर का सही तरह से ख्याल रखता है, बल्कि प्रदर, अनियमित मासिक धर्म और प्रजनन संबंधी समस्याओं को दूर करने में बहुत ही सहायक है। इसके अलावा यह स्लिप डिस्क का दर्द और पीठ से संबंधित हर तरह के दर्द को भी दूर करता है। इस आसन को करने के लिए आपको पहले पेट के बल लेटना होगा। इसके बाद पैरों को सीधा करके लम्बा फैलाएं। सांस भरते हुए शरीर के अगले भाग को नाभि तक उठाएं। धीरे-धीरे सिर और कन्धों को जमीन से ऊपर उठाएं। सिर को जितना पीछे की ओर ले जा सकते हैं, ले जाएं। ध्यान रखें कि ज्यादा खिंचाव न आने पाए। कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद पहले वाली अवस्था में लौट आएं।