हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगि

लोकसभा में पिछले तीन दिन से सुचारू रूप से जारी सदन की कार्यवाही गुरुवार को फिर बाधित हुई और कांग्रेस के सदस्यों ने सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे जैसे कार्यवाही शुरू हुई कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी सदस्य सरकार पर मनमानी, तानाशाही और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे और नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच आ गए।

शोर शराबे के बीच पीठासीन अधिकारी किरीट सोलंकी ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये। हंगामे एवं नारेबाजी के बीच वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस्पात उद्योग में काम आने वाले कच्चे माल एवं अन्य वस्तुओं के सीमा शुल्क में वृद्धि तथा कच्चे तेल एवं हवाई जहाज के ईंधन एयर टर्बाे फ्यूल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू करने संबंधी दो संवैधानिक संकल्प प्रस्तुत किये और उन्हें ध्वनिमत से पारित किया गया।

हंगामा तेज होेने पर श्री साेलंकी ने सदस्यों ने अपील की कि उन्हें इस प्रकार का व्यवहार शोभा नहीं देता। वे अपनी सीट पर जाएं और कार्यवाही चलने दें लेकिन विपक्षी सदस्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इस पर पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा एवं नारेबाजी शुरू कर दी। अध्यक्ष ने हंगामे के बीच प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया और करीब 40 मिनट तक हंगामे के बीच प्रश्नकाल चलता रहा। इस बीच सरकार ने कई सवालों के जवाब सदन में दिए।

हंगामा कर रहे सदस्यों से अध्यक्ष ने अपनी सीटों पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें प्रश्नकाल के बाद अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा लेकिन सदस्यों ने हंगामा जारी रखा जिसके कारण उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करने की घोषणा की।