महिंद्रा लॉजिस्टिक्स का तीन वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य

महिंद्रा समूह की लॉजिस्टिक्स सेवा कंपनी महिंद्रा लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (एमएमएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 तक राजस्व को 10,000 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इस समय कंपनी के देशभर में 10 जगहों पर वेयरहाउस (भंडार केंद्र) हैं जो कुल मिलाकर 34 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में फैले हैं और इसमें सात जगहों पर 28 लाख वर्ग फुट क्षेत्र के भंडार केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

एमएमएल के अधिकारियों ने हरियाणा के गुरुग्राम जिले के लुहारी में अपने विशाल वेयरहाउस पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा,’लुहारी की 14 लाख वर्ग फुट की भंडारण सुविधा शुरू होने से हमारी वेयरहाउसिंग क्षमता करीब 1.5 गुना हो गयी है। हम सात जगहों पर 28 लाख वर्ग फुट की नयी सुविधाओं का निर्माण कर रहे हैं।’ एमएलएल ने वर्ष 2022 की शुरुआत में इस सुविधा का परिचालन आरंभ किया था।

एमएलएल ने मुख्य वित्त अधिकारी योगेश पटेल ने कहा,’देश में राजमार्ग, रेल और अन्य ढांचागत सुविधाओं के विस्तार के मद्देनजर लॉजिस्टिक्स क्षेत्र का विस्तार तेज होगा।’ उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी का लाभ 35 करोड़ रुपये रहा जिसमें परिचालन लाभ 210 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस वर्ष कंपनी को 4,083 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

पटेल ने कहा,’एमएलएल ने वित्त वर्ष 2025-26 तक वार्षिक 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है।’ एमएलएल की लुहारी वेयरहाउस सुविधा में तीन ग्रेड-ए के मालगोदाम हैं जो 14 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में फैले हुए हैं। इसमें कंपनी बजाज, एमेजॉन और कुछ अन्य बड़ी कंपनियों को लॉजिस्टिक्स सुविधा प्रदान कर रही है। वहां 600 से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।

इन सुविधा को एमएलएल के स्वस्थ विकास के मानकों के अनुसार तरल कचरा प्रबंधन, अक्षय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन आवश्यकताओं एवं उत्कृष्ट स्वचलित के अनुरूप बनाया गया है। कंपनी उत्पादकता में सुधार और दक्षता बढ़ाने के लिए नवीनतम एवं सर्वोत्तम उपकरणों और प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रही है।

पटेल ने यूनीवार्ता को बताया कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के बीच हमारी कंपनी सभी क्षेत्रों के माल के भंडारण और लाने ले जाने का कार्य करती है जिससे कुछ कंपनियां दूर हैं। उन्होंने कहा कि हमारा वित्त वर्ष 2022-23 के आंकड़ें मुख्य रूप से कोरोना की दूसरी लहर और तीसरी लहर से प्रभावित है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारा वित्त वर्ष 2025-26 तक 10,000 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य पूरा होगा। रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन में लॉकडाउन से अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला पर घरेलू माल-ढुलाई क्षेत्र पर सीधे तौर पर प्रभाव नहीं पड़ा है।

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