मास्टरकार्ड ने अपने ऑडिट रिपोर्ट में कहा – स्थानीय डेटा भंडारण नियमों का किया पालन

अमेरिका की दिग्गज कंपनी मास्टरकार्ड पर 14 जुलाई को, भारतीय रिजर्व बैंक ने मास्टरकार्ड पर नए क्रेडिट, डेबिट और प्रीपेड कार्ड जारी करने पर अनिश्चितकालीन बेन लगा दिया था । इसकी वजह ये थी की मास्टरकार्ड ने अपने भारतीय कार्ड होल्डर के डेटा को भारत में ही रखने के नियमों का पालन नहीं किया था ।

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमानुसार क्रेडिट कार्ड कंपनियों को केवल भारतीय ग्राहकों से संभंधित डेटा को भारत देश में स्टोर करने की आवश्यकता होती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मास्टरकार्ड को नए ग्राहकों पर बन लगाए जाने के बाद, को – ब्रांडिंग द्वारा क्रेडिट कार्ड जारी करने वालों में आरबीएल बैंक, यस बैंक और बजाज फिनसर्व सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नए कार्ड जारी करने पर प्रतिबंध लगाने के बाद, अमेरिकी क्रेडिट कार्ड कंपनी मास्टरकार्ड ने कहा कि उसने भारतीय रिजर्व बैंक को एक ऑडिट रिपोर्ट सौपी है जिसमें यह दिखाया गया है कि उन्होंने स्थानीय डेटा भंडारण नियमों और मानकों को पूरा करता है ।

मास्टरकार्ड ने अपने बयान में कहा, ‘‘आरबीआई ने जब अप्रैल 2021 में हमसे स्थानीय स्तर पर आंकड़े रखने के बारे में अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगा था, हमने अनुपालन को दिखाने के लिये डेलॉयट की सेवा ली थी। इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि “वह आरबीआई द्वारा लगाए गए किसी भी अतिरिक्त आवश्यकताओं का पालन करने और इस मामले को जल्द ही हल करने के लिए प्रतिबद्ध है”।

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