रेल राज्य मंत्री ने सूरत स्टेशन पर यात्री सुविधा का किया लोकार्पण

सूरत रेलवे स्टेशन पर कई अपग्रेडेड यात्री सुविधाओं का रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोष द्वारा लोकार्पण किया गया। सूरत स्टेशन पर यात्रियों को आकर्षण के लिए हाल ही में वहां मुख्य इमारत के सामने एक रेल  लोकोमोटिव इंजन रखा गया है और आई लव सूरत का सेल्फी पॉइंट बनाया गया है। जबकि यात्रियों की सुरक्षा के लिए नए 86 सीसीटीवी कैमरा जिसमे फेस रिकग्निशन अत्याधुनिक कैमरा लगाए गए  है। इसके अलावा प्लेटफार्म चार पर कोच गाइडेंस इंडिकेटर लगाए गए है।

और भव्य वीआईपी रूम भी बनाया गया है। इन सभी का लोकार्पण रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोष द्वारा किया गया। इस मौके पर शहर की मेयर हेमालि बोघवाला,बारडोली सांसद प्रभु वसावा,एमएलए प्रवीण घोघरी और मंडल रेल प्रबंधक जीवीएल सत्यकुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

रेल राज्य मंत्री दर्शन जरदोष ने कहा कि सूरत स्टेशन देश के बड़े स्टेशनों में से एक है। अब यहां सभी प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद है। सूरत स्टेशन को मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब में विकसित करने के लिए नवंबर महीने में टेंडर जारी कर दिया जाएगा।

नहीं आए प्रदेश अध्यक्ष

इस लोकार्पण कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि के रूप में निमंत्रित सांसद और भाजपा  प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल नहीं पहुंचे। इससे पहले 20 अगस्त को भी सूरत स्टेशन पर रेलवे प्रोग्राम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित सीआर पाटिल नहीं पहुंचे थे। उनके उपस्थिति नहीं होने पर बताया गया कि सीआर पाटिल किसी कार्यक्रम में व्यस्त थे जिसके कारण उनका आगमन नहीं हो सका। इसके अलावा शिलालेख में भी सीआर पाटिल और राज्य मंत्री पूर्णेश मोदी का नाम था लेकिन वे नहीं पहुंचे।

ये सुविधाएं जिनका हुआ लोकार्पण 
1 -सर्कुलेटिंग क्षेत्र में विंटेज लोकोमोटिव पेडस्टल और सेल्फ़ीपॉइंट

सूरत शहर में रेलवे के विरासती अतीत को फिर से देखने के लिए और शहर की गतिशील प्रकृति को बनाए रखने के लिए सर्कुलेटिंग क्षेत्र में एक पुराने लोकोमोटिव और एक सेल्फी पॉइंट रखा गया है। चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्कशॉप, बर्धमान द्वारा निर्मित डीजल लोकोमोटिव डीजल शेड बांद्रा में 28 सितंबर, 1992 को रखा गया। पश्चिम रेलवे में 24 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा के बाद 5 जनवरी, 2015 को इस लोको को सेवानिवृत्त किया गया था। यह सेल्फी पॉइंट चहल-पहल वाले शहर के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण होगा और जनता के साथ-साथ रेल यात्रियों को भी खुशी और गर्व के क्षणों को खोजने में सक्षम बनाएगा। इस रोमांचक युगल  संयोजन ने परिसंचरण क्षेत्र को आकर्षक स्‍वरूप दिया है।

2 -सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष और निगरानी कैमरे

सूरत स्टेशन पर यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए, सूरत स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं के साथ एक नये एकीकृत सुरक्षा नियंत्रण कक्ष की स्‍थापना आवश्यक थी। इस आवश्यकता को पूरा करने और स्टेशन के सभी क्षेत्रों को चौबीसों घंटे कवर करने के लिए पूरे स्टेशन परिसर में हाई-टेक कैमरे लगाने की योजना बनाई गई थी।

1.2 करोड़ रुपये की लागत से  यह पूरा हो चुका है। 86 कैमरे पूरे सूरत स्टेशन को कवर करेंगे, जिनमें 68 कैमरे पहले से ही लगाए जा चुके हैं और काम कर रहे हैं और बाकी बहुत जल्द लगाए जाएंगे। 3 प्रकार के उच्च-गुणवत्ता वाले कैमरे यानी पीटीजेड (पैन-टिल्ट-ज़ूम); स्टेशन परिसर की बेहतर निगरानी के लिए 4K कैमरे (चेहरे की पहचान के लिए बहुत उच्च गुणवत्ता वाले चित्र) और एफएचडी  (पूर्ण एचडी  कैमरे) का उपयोग किया गया है।

फेस रिकग्निशन सिस्टम रियल टाइम और ऑफलाइन मोड पर काम करेगा। सिस्टम में एक ही व्यक्ति के एक ही चेहरे के कई नमूने लेने का प्रावधान होगा।

3 -आधुनिक  यात्री कोच मार्गदर्शन प्रणाली का प्रावधान

कोच गाइडेंस सिस्टम के उद्घाटन के साथ, प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2 और 3 के सभी कोच संकेतकों और उद्घोषणा प्रणाली को अपडेट कर दिया गया है और नए इंटरनेट आधारित कोच पोजिशन फीडिंग, डिस्प्ले और स्वचालित उद्घोषणा प्रणाली शुरू की गई है। इस सिस्टम को 36 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया है।

4 -भव्य वीआईपी रूम

सूरत स्टेशन पर पुराने वीआईपी कमरे का पुनर्विकास और रिनोवेशन  किया गया है। किसी भी समय 25 से अधिक लोगों के साथ बैठक करने की क्षमता के साथ वीआईपी कक्ष का क्षेत्रफल भी बढ़ा दिया गया है।सूरत स्टेशन पर  रेल राज्य मंत्री ने एक दृष्टिबाधित  अनाउंसर  वीरेंद्र चाहवाला से भी बातचीत की। उन्होंने मीडियाकर्मियों और आम जनता के साथ भी संवाद स्‍थापित किया।

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