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यह उन मरीजों के लिए जो बढ़ रहे हैं मिर्गी के खतरे की तरफ

शोधकर्ताओं ने मिर्गी की बीमारी को पनपने से रोकने के लिए एक सफलता हासिल की है। उनकी इस कामयाबी के बाद मिर्गी की बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकेगा। शोधकर्ताओं ने न्यूरोप्रोटेक्टिव कंपाउंड को विकसित करने में सफलता हासिल कर ली है। इस कंपाउंड की मदद से मनुष्यों में मिर्गी को पनपने से रोका जा सकता है। बता दे कि इस बीमारी में मनुष्य के नर्व सेल की कार्यप्रणाली काम करना बंद कर देती है। जिसके बाद मनुष्य को बार-बार मिर्गी के दौर पड़ने लगते हैं।

यह शोध अमेरिका के लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने की है। यह न्यूरोप्रोटेक्टिव कंपाउंड न्यूरो इन्फ्लेमेटरी सिग्ननिलंग रिसेप्टर को बंद कर देता है, जिसकी वजह से डेंड्रिक स्पाइंस के संरक्षण में मदद मिली। पत्रिका ‘साइंटिफिक’ में प्रकाशित रिपोर्ट में बाजान बताते हैं कि मिर्गी के लक्षणों के आधार पर दौरे रोकने की बहुत सी दवाएं हैं, लेकिन मिर्गी की बीमारी रोकने की नहीं। यह कंपाउंड मिर्गी के विकास की प्रक्रिया को रोकता है, जिससे इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है। ऐसे में यह उन मरीजों के इलाज में ज्यादा कारगर होगा जो मिर्गी के खतरे की तरफ बढ़ रहे हैं।

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