उ़ रेलवे के मुरादाबाद मंडल ने राजस्व और पर्यावरण हित में किये काम

मुरादाबाद,(एजेंसी/वार्ता):उत्तर रेलवे मुरादाबाद मण्डल के विद्युत विभाग (सामान्य) ने राजस्व और पर्यावरण बचत की दिशा में नए आयाम स्थापित किए हैं।


सीनियर डीसीएम सुधीर कुमार सिंह ने बुधवार को यहां बताया कि मुरादाबाद मण्डल निरंतर मण्डल रेल प्रबंधक (डीआरएम)अजय नंदन के निर्देशन में विकास के पथ पर नए आयाम स्थापित कर रहा है I इसी क्रम में मण्डल के विद्युत विभाग (सामान्य ) ने मुरादाबाद रेल मण्डल से संचालित होने वाली प्राथमिक ट्रेनों का संचालन और रखरखाव का कार्य अब हैड ऑन जेनेरेशन ( एच०ओ०जी तकनीक) से प्रारंभ कर दिया है,

जिसमें मण्डल से संचालित होने वाली ट्रेनों जिसमें नन्दा देवी एक्सप्रेस ( 12402/01 देहारादून–कोटा ),जन शताब्दी एक्सप्रेस (12056/55-12058/57 देहारादून–नई दिल्ली-ऊना हिमाचल ), देहारादून-उज्जैन एक्सप्रेस (14309/10 ) और देहारादून-इंदौर एक्सप्रेस (14318/17) ट्रेनों को एच०ओ०जी से संचालित करने के लिए इसके यात्री कोचों को संशोधित किया गया है।


इससे पहले इन गाड़ियों का संचालन और मैंटेनेंस का कार्य संयोजित पावर कार से किया जाता था , जिसको ऑपरेट करने के लिए भारी मात्रा में हाई स्पीड डीजल ( एच एस डी आयल) का प्रयोग किया जाता था । एच०ओ०जी तकनीक से संचालित होने के कारण प्रति माह 57000 लीटर डीजल की बचत की जा रही है ।

देहारादून रेलवे स्टेशन से इन ट्रेनों को मैंटेनेंस के लिए “750 वॉल्ट कॉम्पैक्ट सब स्टेशन” का भी प्रावधान किया गया है। इससे देहरादून रेलवे स्टेशन से संचालित होने वाली सभी प्राथमिक ट्रेनों में मैंटेनेंस के दौरान प्रति माह 5500 लीटर डीजल की बचत सुनिश्चित हो रही है तथा अब मुरादाबाद रेल मण्डल के देहारादून रेलवे स्टेशन से चलने वाली सभी प्राथमिक ट्रेनों को एच०ओ०जी तकनीक द्वारा संचालित और “750 वॉल्ट कॉम्पैक्ट सब स्टेशन” से रख-रखाव किया जा रहा है।


इसके साथ-साथ बरेली स्टेशन से संचालित प्राथमिक ट्रेन आला हज़रत एक्सप्रेस (14311/12 और 14321/22) को एलएचबी ट्रेन में प्रति स्थापित होने बाद अब इस ट्रेन को हैड ऑन जेनेरेशन ( एचओजी तकनीक) से संचालित करने का कार्य जनवरी 2023 में पूर्ण कर लिया गया है। इस प्रावधान से प्रति माह 14000 लीटर डीजल की बचत अनुमानित है तथा अग्रिम योजना के तहत बरेली स्टेशन की सभी प्राथमिक ट्रेनों को एलएचबी में प्रतिस्थापन हेतु योजना पर भी कार्य किया जा रहा है ।


मण्डल से संचालित होने वाली गाड़ियों का संचालन और मैंटेनेंस का कार्य एचओजी तकनीक से होने से रेल को राजस्व बचत करने में सहयोग मिला है तथा एचओजी के प्रयोग से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

-(एजेंसी/वार्ता)

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