मां का दूध होता है नवजात के लिए ज़रूरी

मां का दूध बच्चों के पालन पोषण की एक कुदरती विधि है तथा बच्चे को जन्म के तुरंत बाद मां का दूध अवश्य पिलाया जाना चाहिए। पंजाब स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवजात शिशुओं की देखभाल संबंधी दो दिवसीय प्रशिक्षा कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए डॉ. दुग्गल ने बताया कि मां बच्चे के जन्म के पहले दो तीन दिनों के दौरान अपना गाढ़ा दूध अवश्य पिलाएं।

 

उन्होंने कहा कि जच्चा बच्चा सेहत सेवाओं के सुधार के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत महत्तवपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रमों से स्वास्थ्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मां के दूध के महत्व सम्बन्धित ‘विश्व स्तन पान सप्ताह’ सिविल अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में डॉ. दुग्गल की देखरेख में ‘जिम्मेदारी निभाओ’ बच्चे को मां का दूध पिलाओ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

 

इस दौरान उन्होंने कहा कि मां बच्चों दो वर्षों तक या उसके बाद भी दूध पिला सकती है। उनके अनुसार छह महीने के बाद ही बच्चे ठोस खुराक देनी शुरू करनी चाहिए।

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