Breaking News
Home / ट्रेंडिंग / किसान की जीवन पर आधारित भारतीय फिल्म “मोती बाग” ऑस्कर की रेस में हुई शामिल

किसान की जीवन पर आधारित भारतीय फिल्म “मोती बाग” ऑस्कर की रेस में हुई शामिल

उतराखंड के एक किसान पर बनी फिल्म “मोती बाग” को इस साल ऑस्कर अवार्ड के लिए नोमिनेट किया गया है। यह डॉक्यूमेंट्री अब ऑस्कर अवार्ड की रेस में नजर आ रही है। यह शॉर्ट फिल्म किसानों के उन मुद्दों को लोगों के सामने प्रदर्शित कर रही है जिस से उतराखंड के किसान सालों से पीड़ित है। यह फिल्म पलायन, खेती, सूखे आदि जैसे अन्य मुद्दों पर आधारित है।

फिल्म में किसानों की छोटी से छोटी समस्याओं को बड़े बेहतरीन ढंग से पेश किया गया है। यह पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित एक 83 वर्षीय किसान विद्यादत शर्मा की जीवन की कहानी है। उतराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 17 सितम्बर 2019 को लोगों को यह जानकारी दी और खुशी जाहिर कर ट्वीट किया कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि पौड़ी के एक किसान विद्यादत्त शर्मा जी के जीवन संघर्ष पर बनी डॉक्युमेंट्री फिल्म मोतीबाग का चयन ऑस्कर अवार्ड के लिए हुआ है। मैं फिल्म के निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल को इस सुधी प्रयास के लिए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देता हूं।

Loading...

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यह फिल्म युवाओं पर एक अहम प्रभाव डालेगी और उन्हे अपना गाँव ना छोड़ कर जाने के लिए प्रेरित करेगी। मैं आशा करता हूँ कि इससे पलायन की समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होने युवाओं को समर्पित करते हुए कहा कि मैं युवाओं से गुजारिश करता हूँ कि वे पलायन जैसी समस्या पर रोक लगाने के लिए कार्य करे और सरकार द्वारा दी जा रही सेवाओं का लाभ उठाएँ। मोती बाग फिल्म 59 मिनट की है। इस डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल और विद्या दत्त शर्मा के बेटे त्रिभुवन उनियाल शर्मा है।

उन्होने भी फिल्म को ऑस्कर के लिए नोमिनेट होने पर अपनी खुशी व्यक्त की है और बताया कि इस फिल्म में किसानों की दुर्दशा, रोजगार, पलायन, बागवानी, मधुमक्खी पालन, जल संरक्षण सहित कई अन्य मुद्दों पर बात की गयी है। इस फिल्म में कोने कोने के लोक जीवन को दिखाया गया है। इस फिल्म में यह भी दर्शाया गया है कि किस तरह पहाड़ों में पलायन की समस्या का सामना कर रहे लोगों की इच्छा शक्ति से हरयाली को लौटाया जा सकता है। फिल्म मोती बाघ को केरल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शार्ट फिल्म समारोह में प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। यह फिल्म खराब परिस्थिति में कैसे अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है इस बात पर गहरा प्रकाश डालती है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *