जवान दिखने के लिए अपने खाने में अवश्य शामिल करें फाइबर

स्वस्थ शरीर के लिए अक्सर विशेषज्ञ फाइबर्स के सेवन की सलाह देते हैं। लंबे समय तक फेाइबर-रिच डाइट लेने से बढ़ती उम्र के साथ भी स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है। ऑस्ट्रेलिया में हुए एक शोध ने यह साबित किया कि फाइबर से भरपूर भोजन, जोकि असल में कार्बोहाइड्रेट का ही एक प्रकार होता है, वह बढ़ती उम्र में हमे स्वस्थ रखकर फायदा पहुंचाता है। स्वस्थ रहकर उम्रदराज होने और कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने के बीच की इस कड़ी को शोध्कर्ताओं ने लाभकारी माना है। फाइबर्स की बदौलत, उम्र बढ़ने के साथ आने वाली मुश्किलों जैसे डिसेबिलिटी, डिप्रेशन के लक्षण, दिमागी अक्षमताओं, श्वास की तकलीफों से लेकर कैंसर और कोरोनरी आर्टरी डिसीज जैसी गंभीर अवस्थाओं तक से बचाव हो सकता है।

रोजाना के भोजन का हिस्सा बनने वाले जो फाइबर शरीर पचा नहीं पाता, वे पौधे का ही भाग होते हैं, जैसे फल, सब्जियां और अनाज। फाइबर दो प्रकार के होते हैं, घुलनशील यानी सॉल्युबल और अघुलनशील यानी इन्सॉल्युबल । सॉल्युबल फाइबर पानी को सोखकर एक जैल जैसे पदार्थ का निर्माण करते हैं। यह पाचन की क्रिया को धीमा कर देते हैं। इस बात के प्रमाण भी मिले हैं कि इनसे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है जिससे ह्रदय रोग से बचने में मदद मिल सकती है। इस तरह के फाइबर्स के स्रोत हैं, ओट का चोकर, बार्ले, नट्स , सीड्स, चौला आदि बीन्स , मटर जैसे दाने, दाल आदि।

इन्सॉल्युबल फाइबर्स जल्दी से पेट भरने का काम करते हैं, जिससे आप ज्यादा भोजन ग्रहण करने से बच जाते हैं। ये गेहूं के आटे के चोकर, सबूत अनाज और सब्जियों में पाए जाते हैं। फाइबरयुक्त भोजन के डाइट में इनका शामिल होना महत्वपूर्ण है। फाइबर्स का होना पाचन को दुरुस्त बनाता है और इस बात के तो स्पष्ट प्रमाण हैं ही कि पेट का अच्छी तरह साफ होना, पाचन का सुदृढ़ होना, स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

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