उत्तराखंड में फिर से प्रकृति ने दिखाया रौद्र रुप, ग्लेशियर टूटने से मची तबाही

उत्तराखंड में एक बार फिर प्रकृति का भयावह रूप देखने को मिल रहा हैं। चमोली जिले के रैनी में रविवार सुबह ग्लेशियर टूटने से कई लोगों की मौत हो गई हैं और सैंकड़ों की संख्या में लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इस तबाही से चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया हैं। चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के बाद इस दर्दनाक हादसे में 100 से 150 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया है।

ग्लेशियर टूटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। घटना के बाद जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है और कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे बसे लोग मकान खाली करने में जुट चुके हैं। जानकारी के लिए बता दे जोशीमठ से आगे नीति मार्ग पर निजी कंपनी का ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट चल रहा है, जहां करीब 24 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक ग्लेशियर टूटने से डैम को भी नुकसान हुआ हैं।

पहाड़ी से ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर डैम पर गिरा, जिससे डैम का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से डैम का पानी तेजी से अलकनंदा नदी में जाने लगा है। अलकनंदा नदी का प्रवाह बढ़ने से केंद्रीय जल आयोग ने अलर्ट जारी किया है। ऋषिकेश तथा हरिद्वार में 6 से 7 घंटे के भीतर पानी पहुंचने का अनुमान है।

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