NCP ने किया BJP का समर्थन! कांग्रेस बोली- हमारी पीठ में छुरा घोंपा

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) में दरार बुधवार को तब सामने आई जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को ‘पीठ में छुरा घोंपने वाला’ करार दिया. एक दिन पहले ही शरद पवार की अगुवाई वाली NCP ने गोंडिया जिला परिषद में कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए चुनाव में प्रतिद्वंद्वी भाजपा से हाथ मिला लिया था.

नाना पटोले ने कहा कि आगामी उदयपुर सम्मेलन में कांग्रेस आलाकमान को पिछले ढाई साल के दौरान NCP द्वारा अपनाए गए ‘दांव-पेंच’ के बारे में बताया जाएगा. पटोले ने कहा कि मित्रता पूरी ईमानदारी से की जानी चाहिए और ‘यदि दुश्मन सामने से खुलकर वार करे तो अच्छा है.’ उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस का गठबंधन महा विकास अघाड़ी बनाया गया था.

उन्होंने कहा, “गठबंधन में होने के बावजूद NCP ने मालेगांव, भिवंडी और कई अन्य स्थानों पर कांग्रेस को दूर धकेला. कल राकांपा ने अध्यक्ष के चुनाव के लिए गोंडिया जिला परिषद में भाजपा के साथ हाथ मिला लिया. उसने पीछे से कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपा है.”

नाना पटोले ने कहा कि गठबंधन में होने के बाद भी NCP ने मालेगांव एवं भिवंडी में कांग्रेस को दूर धकेला जिससे साबित हो गया कि राकांपा कांग्रेस को अपना प्रतिद्वंद्वी मानती है. कांग्रेस नेता ने कहा, “MVA के साझेदार जयंत पाटिल (राकांपा), सुभाष देसाई (शिवसेना) और मैंने तय किया था कि यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि अधिकतम जिला परिषद एमवीए के पास रहें.”

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के आरोप पर प्रदेश राकांपा अध्यक्ष एवं मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि कांग्रेस नेता द्वारा लगाया गया आरोप ‘गलत’ है. उन्होंने कहा कि राकांपा हमेशा महा विकास अघाड़ी के तीन घटकों को एकजुट रखने के पक्ष में रही है. उन्होंने कहा कि पटोले ने राकांपा नेताओं से संपर्क किया था. हालांकि पाटिल ने उसका ब्योरा नहीं दिया.

प्रदेश NCP अध्यक्ष ने कहा, “विचारों में भिन्नता की वजह से स्थानीय स्तर पर (राकांपा एवं कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के) साथ आने में कुछ समस्या हो सकती है. हम इसकी गहराई में जायेंगे.”

उन्होंने कहा कि NCP की MVA को अस्थिर करने की कभी मंशा नहीं रही. उन्होंने कहा, “(वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल्ल) पटेल आज विदेश में हैं. इसलिए मैं उनसे संवाद नहीं कर पाया. किस स्थिति में (गोंडिया में राकांपा एवं भाजपा के साथ आने का) फैसला किया गया, उसे देखने के बाद ही कुछ कहना सही होगा.” पूर्व केंद्रीय मंत्री पटेल गोंडिया से ही आते हैं.

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