बच्चों में मोटापे की समस्या को कभी न लें हल्के में

आज के समय में सिर्फ वयस्क लोग ही मोटापे की समस्या से ग्रसित नहीं है, बल्कि बच्चे भी अब इसकी जद में आ चुके हैं। आमतौर पर लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते और अगर कोई टोक भी देता है तो कहते हैं कि ये खाते-पीते घर से हैं। मोटा होना आपके संपन्न होने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि अब आप बहुत सी बीमारियों की चपेट में आने वाले हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

  • मोटापे को एक महामारी के रूप में इसलिए देखा जाता है क्योंकि यह स्वयं तो एक समस्या है ही, साथ ही यह कई बीमारियों की जड़ भी बनता हैं। आपको बता दें कि मोटापा अन्य कई बीमारियों जैसे टाइप 2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, डिस्लेपिडाइमिया, मेटाबॉलिक सिंड्रोम आदि समस्याएं उत्पन्न करता है।
  • मोटापे के कारण बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास भी अवरूद्ध होता है। दरअसल, ऐसे बच्चों को अधिकतर सामाजिक रूप से उपहास का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उनका मनोबल कमजोर होता है और वे खुद को काफी हीन महसूस करने लगते हैं।
  • बहुत से शोध इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मोटापे से ग्रस्त बच्चों में स्लीप एपनिया जैसे रोग होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।

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