नीतीश कुमार पहुँचे निर्माणाधीन कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पूल और पटना रिंग रोड के निरीक्षण मे, दिये कई निर्देश

सीएम नीतीश कुमार ने आज पटना रिंग रोड परियोजना एवं निर्माणाधीन कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पटना रिंग रोड परियोजना के कन्हौली से अजमा तक निर्माणाधीन पथ का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने पटना रिंग रोड के कार्यों की समीक्षा भी की। पटना रिंग रोड 137 किलोमीटर लंबा होगा। इस परियोजना की लागत लगभग 15,000 करोड़ है। यह राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार दोनों की संयुक्त परियोजना है। इस परियोजना में गंगा नदी पर दो पुल बनाये जाने हैं एवं छह-लेन की सड़क बनायी जानी है।

गौरतलब है कि पटना रिंग रोड के पैकेज-1 कन्हौली से रामनगर तक 39 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त 6-लेन रोड एनएचएआई द्वारा बनाया जायेगा. इस प्रकार कन्हौली से रामनगर तक 8-लेन एनएचएआई चैड़ा पथ बनेगा। कन्हौली से रामनगर तक 39 किलोमीटर लंबे 6-लेन पथ निर्माण के लिए निविदा जारी की गयी है, जिसमें 7 निविदायें प्राप्त हुई हैं, इसका शीघ्र निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा. इस प्रकार कन्हौली से रामनगर 38 किलोमीटर लंबा 8-लेन चैड़ा पथ दो साल में बनकर तैयार हो जायेगा। वहीं बिहटा-सरमेरा, राज्य उच्च पथ सं0-78 की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके शुरूआती 39 किलोमीटर में कन्हौली से लेकर रामनगर तक पटना रिंग रोड के दक्षिणी हिस्से का निर्माण होना है। राज्य सरकार द्वारा इस हिस्से के कन्हौली से डुमरी तक पथ को 10 मीटर चैड़ा बनाया जा रहा है, जिसमें सदीसोपुर और डुमरी में आरओबी का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के क्रम में निर्माण कार्य में और तेजी लाने एवं अवशेष लंबाई में भू-अर्जन को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि पटना रिंग रोड जिस-जिस स्थान पर राष्ट्रीय उच्च पथ या राज्य उच्च पथों से मिलेगा उन सभी स्थानों पर रिंग रोड को एलिवेट करके बनाया जाए ताकि जाम की समस्या खत्म हो सके। इन सभी जंक्शनों पर फलाई ओवर बनाने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कच्ची दरगाह-विदुपुर, 6-लेन पुल का भी निरीक्षण किया। सबलपुर में निर्माणाधीन कार्यों को भी मुख्यमंत्री ने देखा। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि लगभग तीन हजार से अधिक मजदूर वहाँ कार्यरत हैं। सम्पूर्ण 19.5 किलोमीटर पथांश में भूमि की उपलब्धता करा दी गई है। दिसम्बर 2021 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के क्रम में निर्देश देते हुए कहा कि उत्तरी छोर से इस पथ को वैशाली तक जोड़ा जाय, साथ ही पूर्व की ओर ताजपुर तक जोड़ा जाए ताकि बख्तियारपुर-ताजपुर परियोजना से भी इसका सम्पर्क हो सके। उन्होंने कहा कि वैशाली से इसको जुड़ जाने से पर्यटकों को सहूलियत होगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव पथ निर्माण विभाग अमृत लाल मीणा, सचिव परिवहन संजय कुमार अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक पटना रेंज संजय सिंह, जिलाधिकारी कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह समेत पथ निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी, वरीय अभियंता आदि मौजूद रहे।