NMCH में अब ‘प्लाज्मा थेरेपी’ से होगा कोरोना मरीजों का उपचार

शुक्रवार को प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया की नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में शनिवार से गंभीर रूप से पीड़ित कोरोना संक्रिमत मरीजों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से भी किया जाएगा। आयुक्त ने बताया कि पहले सिर्फ पटना एम्स में ही प्लाज्मा थेरेपी से इलाज़ की व्यवस्था शुरू की गयी थी अब यह NMCH मे भी उपलब्ध होगा। प्रमंडलीय आयुक्त ने नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्राचार्य और अधीक्षक आदि के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर अस्पताल में कोविड-19 से संबंधित इलाज की सुचारु एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पटना एम्स मे प्लाज्मा थेरेपी के जरिए कई गंभीर मरीजों का सफल इलाज किया गया है एवं कई मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। गंभीर रूप से पीड़ित कोरोना मरीजों का बेहतर इलाज किया जा सके, इसके लिए अब एनएमसीएच में भी प्लाज्मा थेरेपी से इलाज शुरू करने का निर्णय लिया गया है। एनएमसीएच में प्लाज्मा डोनेट करने की सुविधा नहीं है, इसलिए आईजीआईएमएस से सीनियर डॉक्टर की देखरेख में डोनेट प्लाज्मा को एनएमसीएच लाया जाएगा और यहां प्लाज्मा थेरेपी से इलाज किया जाएगा। लोगों की सुविधा को देखते हुए एनएमसीएच हेल्प डेस्क के माध्यम से इच्छुक प्लाज्मा डोनर अपना प्लाज्मा डोनेट करने के लिए संपर्क कर सकते हैं। इन्दिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान से समन्वय कर उनका प्लाज्मा लिया जाएगा।

पटना के एम्स मे इस थेरेपी की सफलता को देखते हुए नालन्दा मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में प्लाज्मा थेरेपी से मरीजों का इलाज किया जा सके,  इसके लिए अस्पताल में सभी तरह की जरूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। अस्पताल में वार्ड ब्वॉय की संख्या को भी बढ़ाकर 150 कर दी गयी है। प्रमंडलीय आयुक्त ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि “अपना प्लाज्मा डोनेट कर गंभीर रूप से संक्रिमत मरीजों की जान बचाने के लिए अपना योगदान दे”।