इस प्रदेश की राजधानी के 11 रूट पर ई-रिक्शा को No Entry, जानिए इन्हें बैन करने के पीछे की वजह

यदि आप उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में है और ई-रिक्शा से कहीं जाने का प्लान कर रहे हैं, तब आपको प्लान बदलना पड़ सकता है। दरअसल, लखनऊ में सुगम और जाम फ्री यातायात के लिए कुछ रूट्स पर ई-रिक्शा को बैन करने का फैसला लिया गया है।

डीके ठाकुर पुलिस आयुक्त लखनऊ कमिश्नरेट की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक 12 मई से लखनऊ के 11 रूट पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। इस आदेश का पालन कड़ाई से करने की बात कही गई है। उनके मुताबिक सुगम और जाम फ्री यात्रा के लिए यह आदेश जारी किया गया है।

लखनऊ में इन रूट पर आने-जाने के लिए ई-रिक्शा को बैन किया गया

1. हजरतगंज चौराहा से वार्लिंग्टन चौराहा वाया रॉयल होटल
2. हजरतगंज चौराहा से बन्दरियाबाग चौराहा
3. हजरतगंज चौराहा से सिकन्दराबाग चौराहा
4. हजरतगंज से परिवर्तन चौक वाया अल्फा, मेफेयर, वाल्मीकि तिराहा, प्रेस क्लब, हिंदी संस्थान, केडी सिंह स्टेडियम तक
5. बन्दरियाबाग चौराहा से पॉलिटेक्निक चौराहा लोहिया पथ
6. अमौसी से बाराबिरवा
7. अहिमामऊ से अर्जुनगंज बाजार से रजमन चौकी से कटाईपुल से लालबत्ती चौराहा तक
8. पिकप पुल ढाल से इंदिरागांधी प्रतिष्ठान, विजयीपुर अंडरपास तक तथा इंदिरागांधी प्रतिष्ठान चौराहे से हाईकोट गेट न. 3 तक और इंदिरागांधी प्रतिष्ठान चौराहे से गोमतीनगर रेलवे स्टेशन रोड तिराहे तक
9. कमता शहीद पथ तिराहा से शहीद पथ मोड़ कानपुर रोड शहीद पथ तक
10. बादशाह नगर चौराहे से लेखराज, भूतनाथ होकर पॉलिटेक्निक चौराहे तक
11. अमौसी मोड़ से मुंशीपुलिया चौराहा तक

योगी आदित्यनाथ ने भी चिंता जताई थी

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले ही सड़क हादसों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में ब्लैक स्पॉट के सुधारीकरण, गति मापन, त्वरित चिकित्सा सुविधा, CCTV आदि व्यवस्था को और बेहतर किया जाए।

सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में सर्वाधिक 33.4% दो पहिया वाहन चालकों से जुड़े हैं। 38.4% दुर्घटनाएं ओवरस्पीड, 9.2% वाहन चलाते समय मोबाइल के इस्तेमाल और 6.6% दुर्घटनाएं नशे के कारण हो रही हैं।

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