मनोचिकित्सक नहीं सिर्फ 10 मिनट का ध्यान देगा आपको तनाव से मुक्ति

हम सभी रोजमर्रा के जीवन में अलग-अलग तरह के तनावों का सामना करते हैं और ऐसे में दिमाग में व्यग्र विचार आने एवं भटकाव की समस्या बहुत आम है लेकिन अच्छी बात यह है कि अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए मनोचिकित्सक की शरण में जाने की जरूरत नहीं है और महज 10 मिनट का‘ध्यान’इनसे निजात दिला सकता है।

प्रतिदिन केवल 10 मिनट के ध्यान से बार-बार आने वाले व्यग्र विचारों पर लगाम लगायी जा सकती है। इससे दिमाग के भटकाव की स्थिति से भी निजात मिलेगी। उनका यह भी कहना है कि तनाव को लेकर जागरूकता फैलाने से भी इससे निपटने में मदद मिलती है।

हमारे परिणामों से संकेत मिलता है कि ध्यान से तनाव से जूझ रहे लोगों के विचारों में भटकाव की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। इससे वे अपनी आंतरिक भचताओं से बाहर निकलकर बाहरी दुनिया की हलचलों पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं जिससे वे अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे पाते हैं।

तनाव से जूझ रहे 82 लोगों पर किए गये इस अध्ययन के तहत प्रतिभागियों को कंप्यूटर पर एक काम करने को कहा गया था जिसमें पाया गया कि अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने की उनकी क्षमता को आंकने में बाधाएं आ रही हैं। उसके बाद शोधकर्ताओं ने सभी लोगों को दो समूहों में बांट दिया और एक समूह को कहानी सुनने को और दूसरे समूह को थोड़े समय के लिए‘ध्यान लगाने’को कहा।‘ध्यान लगाने’वाले समूह ने बेहतर प्रदर्शन किया।