अब अमेरिका में उठी टिक टॉक बैन करने की मांग, बताया देश की सुरक्षा के लिए खतरा

भारत में बैन होने के बाद अब अमेरिका में भी चाइनीज एप टिक टॉक को बैन किये जाने की मांग उठने लगी है। अमेरिका में कुछ सांसदों ने अमेरिकी सरकार से इस पर विचार करने की अपील की है। सांसदों का मानना है कि छोटे छोटे वीडियो शेयर करने वाले ऐप देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। भारत में भी टिक टॉक समेत 59 चाइनीज एप्स को सरकार ने यह कहकर प्रतिबंधित कर दिया था कि ये ऐप देश की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा है।

भारत द्वारा चाइनीज एप पर प्रतिबंध लगाने की वजह है उसका चीन के साथ सीमा पर बढ़ता विवाद। उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले माह दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद से ही देश में चीनी सामानों का बहिष्कार शुरू हो गया। इसी कड़ी में केंद्र ने चाइनीज एप पर प्रतिबंध लगाया, जिनकी वजह से देश के लोगों की निजता का लंबे समय से हनन हो रहा था।

रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर जॉन कॉर्निन ने द वाशिंगटन पोस्ट में छपी एक खबर को टैग करते हुए ट्वीट में लिखा ‘खूनी झड़प के बाद भारत ने टिकटॉक और दर्जनों चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाया।’ वहीं, पार्टी के ही सांसद रिक क्रोफोर्ड ने कहा, टिकटॉक को जाना ही चाहिए और इसे तो पहले ही प्रतिबंधित कर देना चाहिए था।’ इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन भी टिक टॉक को चीनी सरकार की उद्देश्य पूर्ति एप करार दे चुके है।

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