अब ओलम्पिक चैंपियन बनकर भाषण दूंगी: निखत

विश्व चैंपियन बन चुकी भारत की निखत जरीन (52 किग्रा)ने मंगलवार को वादा किया कि वह अब ओलम्पिक चैंपियन बनकर भाषण देंगी।

निखत ने भारतीय मुक्केबाजी संघ द्वारा यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह में कहा,’मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। मैं विश्वास दिलाती हूं कि मैं आगे ओलम्पिक चैंपियन बनकर यहां पर आप सबके सामने भाषण दूंगी।’ भारत ने तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित विश्व महिला चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीते। मनीषा (57 किग्रा) और परवीन (63 किग्रा) ने प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किये। ये पदक विजेता और टीम की अन्य सदस्य तथा सपोर्ट स्टाफ के सदस्य भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह और साई डीजी संदीप प्रधान सहित अन्य आला अधिकारी भी समारोह में मौजूद थे। ठाकुर ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। ठाकुर ने कहा,’ मैं भारतीय दल और मुक्केबाजों को दिल की गहराईयों से धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं निखत को ख़ास तौर पर बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने अपने सम्बोधन में अपने लिए अब ओलम्पिक चैंपियन बनने का लक्ष्य रखा है।’

तुर्की के शहर इस्तांबुल में आयोजित इस प्रतिष्ठित वैश्विक टूर्नामेंट में भारत ने एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीते और तुर्की (48 अंक) और आयरलैंड (23 अंक) के बाद 23 अंकों के साथ टीम रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया। तुर्की पहले और आयरलैंड दूसरे स्थान पर रहा।

ठाकुर ने कहा,’भारत प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहा। अगर आप तालिका देखें तो दूसरे और तीसरे स्थान के 23-23 अंक थे। दूसरे स्थान वाले देश ने दो स्वर्ण पदक जीते थे। मैं अपने खिलाड़ियों से कहना चाहता हूं कि वे जीतने की आदत डालें। हमारी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में मुक्केबाजों पर 128 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। मैं राज्य और खेल महासंघों से कहना चाहता हूं कि वे देखें कि दूसरे राज्य और खेल संघ अच्छा प्रदर्शन कैसे कर रहे हैं और वे अपना प्रदर्शन कैसे सुधार सकते हैं।आइए 2024 ओलम्पिक में भारत के लिए और पदक लाएं।”’

अजय सिंह ने इस मौके पर कहा,’यह प्रदर्शन हमारे लिए बड़े गर्व की बात है। हमारा विश्वास है कि हमारी लडकियां अब ओलम्पिक में भी ज्यादा पदक जीतेंगी । हमारे 12 मुक्केबाज प्रतियोगिता में उतरे थे जिसमें से आठ क्वार्टरफाइनल में पहुंचे थे।’ उन्होंने कहा,’ मैंने जब अपना काम संभाला था तब हम विश्व रैंकिंग में 38वें -40वें स्थान पर थे। अब हम टॉप पांच में पहुंच गए हैं और हमारा लक्ष्य टॉप -2 में जगह बनाना है।’

अजय सिंह ने कहा,’ प्रतियोगिता में हमारे एक-दो पदक और आ सकते थे। यह वास्तव में बहुत अच्छा है कि आपने विश्व चैंपियनशिप में इतना शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन यह वह जगह नहीं है, जहां हमें रुकना है। हमारे पास यह पूरी कवायद ओलंपिक को लेकर है जो सिर्फ दो साल दूर है। हमारा सारा फोकस अब अगले ओलम्पिक पर रहेगा। ‘

इस अवसर पर बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के साथ महासचिव हेमंत कालिता, कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह, उपाध्यक्ष देबोजो महर्षि और साई डीजी संदीप प्रधान भी उपस्थित थे। इन सबने मुक्केबाजों के साथ बातचीत की और उन्हें पदक जीतने पर बधाई दी। बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने सभी तरह के समर्थन औऱ सहयोग के लिए खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण का धन्यवाद किया।

दुनिया के सबसे बड़े मुक्केबाजी टूर्नामेंट में अपना पहला पदक जीतकर निखत (52 किग्रा) स्वर्ण जीतने वाली देश की मात्र पांचवीं महिला बनीं, जबकि मनीषा (57 किग्रा) और परवीन (63 किग्रा) ने पिछले सप्ताह इस्तांबुल में संपन्न इस आयोजन में कांस्य पदक जीता।

निखत से पहले केवल छह बार की चैम्पियन एमसी मैरी कॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006) और लेख केसी (2006) ने भारत के लिए विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था।

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