पूरी तरह दिमागी सोच पर निर्भर करता है मोटापा

किसी भी खाने वाली चीज को देखकर अगर आपके मुंह में पानी आ रहा है तो इससे पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि यह आपकी दिमागी सोच से पूरी तरह संबंध रखता है तथा इससे व्यक्ति के मोटा होने का खतरा भी बहुत अधिक बढ़ जाता है।

एक ताज़ा रिसर्च के अनुसार मोटापा पूरी तरह दिमागी सोच पर भी निर्भर करता है। जब भी कोई व्यक्ति किसी खाने-पीने की चीजों को देखता है तो उसके मन में उस खाने की महक के साथ एक बेहतरीन तस्वीर बनती जिससे उसके मुंह में पूरी तरह पानी आ जाता है, इससे हमारे शरीर का वजन बहुत अधिक बढऩे लगता है और व्यक्ति पूरी तरह मोटा होने लगता है।

रिसर्च मेें यह पता चला है कि किसी खाने के बारे में जो व्यक्ति जितना अधिक सोचता है उसके शरीर का वजन भी उसी हि तेजी से बढ़ता है। वैज्ञनिकों ने यह माना कि खाने को देखकर सोच जितनी तीव्र होगी उसी के मुताबिक उसका वजन भी अधिक बढेगा।  शोधकर्ताओं ने यह कहा कि मानसिक कल्पना का खिंचाव भूख को बनाए रखने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक है।

आपको बता दे की भूख व्यक्ति की सोच पर पूरी तरह निर्भर करती है। इसकी जांच के लिए अलग अलग लगभग दो सर्वे किए गए जिसमें यह पाया गया कि मोटे लोगों के दिमाग में भूख की इच्छा बहुत तेज होती है

तथा खाने के बारे में उसके दिमाग में तस्वीरें भी बहुत अधिक बनती है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि खाने की बारे में अलग अलग तरह की सोच भूख को पूरी तरह बढ़ाती है तथा पाचन शक्ति को भी बहुत तेज करता है।

रिसर्च में 27 लोगों से उनकी सोच से संबंधित तकरीबन तीन सवाल किए गए। इसमें से तकरीबन दो सवाल गैर खाद्य वस्तुओं की तस्वीर तथा महक के बारे में पूछे गए तथा तीसरा सवाल खासकर पूरी तरह खानपान से संबंधित थे।

इसके जवाब में लोगों ने यह बताया कि ताजा बन रहे ब्रेड, बिस्कुट, पॉपकार्न आदि की खुशबू से उनके दिमाग में सोच बहुत अधिक बनती है।

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