ओम बिरला ने दिया पाकिस्तान के स्पीकर के बयान का करारा जवाब

विश्‍व की संसदों के अध्‍यक्षों के 5वें सम्‍मेलन में स्पीकर ओम बिरला ने आतंक फैलाने की पाकिस्तानी साजिशों की पोल खोलते हुए पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली के स्पीकर के बयान का करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों की निगरानी से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र संघ की एक टीम ने ये कहा है कि पाकिस्तान आतंक के निर्यात में लगा है और इसके छह हज़ार से ज़्यादा नागरिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं.

स्पीकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान को अलग-थलग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री ने खुद ये माना है कि 40 हज़ार आतंकवादी उनकी ज़मीन पर हैं. साल 1965, 1971 और 1999 में करगिल युद्द के दौरान जम्मू – कश्मीर के खिलाफ उनकी आक्रामकता हो या फिर मुंबई हमला, संसद हमला, उरी और पुलवामा की आतंकी घटनायें, ये इस बात की पुष्टि करते हैं कि आतंक को समर्थन देना वहाँ राज्य की नीति है. हाफिज सईद, मसूद अजहर और एहसानुल्लाह एहसान के खिलाफ कोई कार्रवाई ना होना भी इसी बात तस्दीक करते हैं.

स्पीकर ने ये भी कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को समाप्त करने का आह्वान करते हैं कि लेकिन हमारी पहल को कमजोरी के संकेत के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए.