मंगलवार को गृहस्थ और बुधवार को वैष्णव मनाएंगे जन्माष्टमी, ऐसें करें कृष्ण पूजा

इस साल जन्माष्टमी मंगलवार (11 अगस्त) और बुधवार (12 अगस्त) दो दिन की पड़ रही है। मंगलवार को सुबह 9.07 बजे के बाद अष्टमी शुरू होगी और अर्धरात्रि तक पूजन होगा। वही बुधवार को अष्टमी सुबह 11:17 तक रहेगी। मंगलवार को पूजा का शुभ समय रात 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक के बीच का है। मंगलवार जन्माष्टमी के दिन राहु काल दोपहर 12:27 बजे से 2:06 बजे तक रहेगा और जन्माष्टमी पर कृतिका नक्षत्र रहेगा।

जानकार पंडितों का कहना है कि मंगलवार को गृहस्थ लोग कृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। मंगलवार को गृहस्थ लोग कृष्ण जन्म के समय तिथि को मानकर ही व्रत रख सकते हैं। जबकि जो वैष्णव है वे लोग बुधवार को जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे। बुधवार की रात्रि में अष्टमी नहीं होगी। इसलिए इस दिन जन्म उत्सव मनेगा।

ज्योतिषों के मुताबिक बुधवार को भगवान के जन्म का उत्सव है, इसलिए उनके कृष्ण स्त्रोत्र का पाठ करना चाहिए। ध्यान रखे यदि आप किसी कला में निपुणता चाहते है तो भगवन श्री कृष्ण की बांसुरी बजाते हुए चित्र का ध्यान करें। वही यदि आप पुत्र प्राप्ति चाहते है तो बालकृष्ण का ध्यान और पूजन करें।

धन प्राप्ति के इच्छुक लोगों को रुकमणि सहित भगवन की पूजा करनी चाहिए। वहीं जो प्रेम भक्ति समस्त सुख चाहते हैं वो राधा सहित ध्यान करे। विवाह चाहने वाले सत्यभामा सहित श्रीकृष्ण का पूजन करें। किसी रोग से पीड़ित लोग कृष्ण के चक्रधारी रूप और अवसाद ग्रस्त लोग कृष्ण के सारथी रूप का ध्यान करें।

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