आपके आंखों की रौशनी बढ़ा सकती है सिर्फ एक मोमबत्ती

हमारी आंखे भगवान की सबसे सुंदर रचना है। आंखे है तो दुनिया है वरना सिर्फ अंधेरा है। जिनके पास है उनको अहमियत नहीं है और जिनके पास नहीं वो दुनिया देखने को तरसते हैं। आंखों की खूबसूरती आप  में चार-चांद लगा देती है।लेकिन यदि हमारी आँखों की रौशनी कम हो जाये तो हमें दिखाई भी कम देने लगता है, साथ ही मोटे मोटे चश्मे लगाने की वजह से चेहरे की सुंदरता भी फीकी पड़ जाती है।

आँखें अनमोल हैं

आँखों के जरिये ही हम सारे कामों को ठीक तरह से कर सकते हैं। इसलिए हमें इसका सही तरह से ख्याल रखना बेहद जरुरी है। दिन भर कंप्यूटर पर काम करना, ज्यादा देर टीवी देखना, या देर तक पढ़ाई करने के कारन हमारी आँखे सिर्फ थकती है नहीं, बल्कि स्ट्रेस का असर हमारी आँखों की रौशनी पर ही पड़ता है।

आंखों की रौशनी तेज करने का तरीका

कई बार ऐसा होता है की पैसे कमाने की जरुरत के लिए देर रात तक जागना, या फिर घंटो काम करना हमारी मज़बूरी बन जाती है। ऐसे में हमारी आंखों के आसपास की मासपेसियां अपने लचीलेपन को खो देती हैं और कठोर हो जाती हैं। आज हम आपको मोमबत्ती से आंखों की रौशनी बढ़ाने का तरीका बताएंगे। जिसे करने से आपको आंखों की रोशनी को बढ़ाया जा सकता है। इससे दिमाग को शांत किया जा सकता है और मेमोरी पावर भी बढ़ाई जा सकती है।तो चलिए जानते है…

त्राटक करने का तरीका

लगातार मोमबत्ती या किसी अन्य चीज को देखने की टेक्नीक को त्राटक कहते हैं। यह संस्कृत का शब्द है जिसका अर्थ है एक जगह पर ध्यान लगाना। यह एक तरह का मेडिटेशन है। इस मेडिटेशन को करने के लिए सबसे पहले आपको किसी अंधेरे कमरे की जरूरत पड़ेगी।। यहां पर एक मोमबत्ती को जला लें और इसे डेढ़ हाथ की दूरी पर आंखों की एकदम सीध में रखें।अब सिर, गर्दन एवं पीठ को एकदम सीधे रखें।। शुरुआत में आंखों को 30 सेकंड के लिए बंद रखें।। फिर आंखें खोलें और मोमबत्ती की लौ में मौजूद ब्लू और ब्लैक पार्ट को लगातार तब तक देखें जब तक आपकी आंखों से आंसू ना आ जाएं।। इस दौरान आंखों को बिल्कुल भी ना झपकें।। अगर आपने चश्मा लगाया तो इसे निकाल कर यह टेक्नीक आजमाएं।। इस टेक्नीक को रोज 15 से 30 मिनट करने से बॉडी को कई तरह के फायदे मिलते हैं।।

त्राटक के लाभ

त्राटक से नेत्र के सभी विकार, थकान एवं सुस्ती दूर होती है। इसके बहुत सारे लाभ हैं लेकिन यहां पर कुछ महत्वपूर्ण फायदे का जिक्र किया जा रहा है।

यह आंखों को साफ और चमकदार बनाता है।

नेत्र विकारों की चिकित्सा में यह उपयोगी है।

यह आंख की सुस्ती दूर करने में मददगार है।

यह आध्यात्मिक शक्तियों का विकास करती है एवं मस्तिष्क के विकास में लाभकारी होती है।

यह आंतरिक ज्योति को प्रज्वलित करती है।

यह स्मृति एवं एकाग्रता बढ़ाती है।

इसके अभ्यास से अल्फा तरंगें बढ़ती हैं, जो मस्तिष्क के विश्रामावस्था में होने का संकेत हैं।इस अवस्था में मस्तिष्क के निश्चित भाग काम करना बंद कर देते हैं तथा मस्तिष्क की प्रक्रियाएं रुक जाती हैं, इस प्रकार मस्तिष्क को विश्राम प्राप्त होता है।

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