कोरोना की जंग में जीत की तरफ बढ़ रहे हमारे सुरक्षा बल के जवान, ठीक होने की दर 70 फीसदी

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और दो अन्य बलों समेत कई जवान कोरोना की चपेट में आ चुके है। देश में अब तक 1600 से अधिक जवान कोरोना संक्रमित हो चुके है। हालांकि राहत की बात यह है कि जवानों में संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की दर 70 फीसदी है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में कुल 90 हजार जवान और अधिकारी है। जिनमें अब तक मरीजों के स्वस्थ होने की दर 87.89 फीसदी है।

बता दे भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी करता है। वही 2.5 लाख कर्मचारियों वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 82.94 फीसदी की दर से मरीज ठीक हो रहे है। जानकरी के मुताबिक सीएपीएफ में शामिल पांच बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएससी) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) के 1668 कर्मचारी-अधिकारी कोरोना की चपेट में आ चुके है। सीएपीएफ में पहला केस 28 मार्च को आया था।

वही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में क्रमशः 68.86 फीसदी और 58.92 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके है। इनमें कुल मरीज 1668 है जिनमें से 6 जून तक 1157 मरीज ठीक हो चुके है। अभी भी देश के अस्पतालों में 511 जवान संक्रमण से ग्रस्त है। ताजा आंकड़ों में सीआरपीएफ में 149, बीएसएफ में 82, आईटीबीपी में 26, सीआईएसएफ में 134, एसएसबी में 63, एनएसजी में 22 और एनडीआरएफ में 25 सक्रीय केस है।

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