FATF की बैठक में PAK की फजीहत, 39 सदस्य देशों में से सिर्फ तुर्की ने दिया साथ

पाक की इमरान सरकार को एफएटीएफ द्वारा ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं निकालना बड़ा झटका माना जा रहा हैं। साथ में उसकी फजीहत इसलिए भी हुई हैं कि उसे 39 सदस्य देशों में से केवल तुर्की ने ही साथ दिया। गौरतलब हैं कि दोनों देशों के बीच अच्छे समीकरण हैं। जिसकी वजह है नए कट्टर इस्लामिक धुरी के विकास का प्रयास। तुर्की इस्लामिक दुनिया में सऊदी अरब से नेतृत्वकारी स्थान लेना चाहता है। वह तुर्क साम्राज्य की विरासत को पुनर्जीवित करना चाहता हैं।

पेरिस और ब्रसेल्स में मौजूद कूटनीतिज्ञों के मुताबिक, तुर्की के अलावा सभी देश पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखने के पक्ष में थे। सभी का कहना था कि एक निश्चित समय सीमा के खत्म हो जाने के बाद भी पाकिस्तान ने एक्शन प्लान को पूरी तरह लागू नहीं किया है। अधूरे मन से 27 में से 21 एक्शन पॉइंट पर उसने काम किया। लेकिन फिर भी छह क़दमों को अनदेखा कर दिया। अब एक बार फिर फरवरी 2021 में पाकिस्तान की परीक्षा होगी।

प्लेनरी से पहले इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप (ICRG) की बैठक में तुर्की, चीन और सऊदी अरब ने टेक्निकल ग्राउंड्स पर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर निकालने की वकालत की, लेकिन FATF की प्लेनरी बैठक में केवल तुर्की ने ही पाकिस्तान की वकालत की।

यह भी पढ़े: बिहार चुनाव: लालू यादव के अंदाज में प्रचार कर रहे तेज प्रताप, वायरल हुई तस्वीरें
यह भी पढ़े: बिहार BJP की तर्ज पर अमेरिका में जो बाइडेन, फ्री वैक्सीन का किया चुनावी वादा

Loading...