ओवरईटिंग करने से होती है रात की नींद ख़राब !

आज के समय में ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो रात में ठीक से नींद न पूरी हो पाने का रोना रोते हैं। इसके कारण उनके दिन का काम भी प्रभावित होता है। अगर आपका नाम भी ऐसे ही लोगों की लिस्ट में शुमार है तो हो सकता है कि इसके लिए आपकी खाने-पीने की कुछ आदतें जिम्मेदार हों। तो चलिए जानते हैं कि आप कहां कर रहे हैं गड़बड़ी-

यह सच है कि हेल्दी रहने के लिए रात का भोजन जल्दी कर लेना चाहिए। लेकिन अगर शाम पांच या छ बजे के आस-पास डिनर ले चुके हैं और 11 बजे रात तक भी सोए नहीं हैं तो इससे आपको दोबारा भूख लग जाएगी और फिर भूख के कारण नींद पर विपरीत असर पड़ेगा। इसलिए एक कटोरा सीरियल और लो-फैट दूध बेडटाइम में लिया जा सकता है। ज्यादा रात हो जाए तो कुछ भी न खाना ही बेहतर होगा।

देर शाम कैफीन लेने से बचें। आधा कप कैफीन पचाने में बॉडी कम से कम छह घंटे का वक्त लेती है। इससे नर्वसनेस और इंसोम्निया की शिकायत होती है।

ओवरईटिंग सेहत के लिहाज से बिल्कुल भी उचित नहीं मानी जाती। इससे आपकी नींद पूरी तरह से गायब हो जाएगी। खासकर अगर लेट-नाइट पार्टी में जब ओवरईटिंग हो जाती है तो बची हुई रात भी बेकार हो जाएगी। बॉडी में खाना अच्छी तरह से तब पचता है जब हम बैठे हुए हों या खड़े हुए हों, लेटकर खाना नहीं पचाया जा सकता। डायजेस्टिव सिस्टम को ऐसे में दिक्कत होती है और इसीलिए देर रात खाना खाने पर नींद दूर हो जाती है और रातभर असहजता बनी रहती है।

रात में जो भी खाएं वो पौष्टिक होना चाहिए। स्पाइसी खाना या जंक खाना पूरी तरह से अवॉयड करें नहीं तो हार्टबर्न या इनडाइजेशन की शिकायत हो सकती है। स्पाइसी खाना शरीर को नुकसान करता ही है। खासकर रात के वक्त तो इसका असर ज्यादा ही रहता है। ऐसा भी माना जाता है कि ज्यादा मसालेदार खाना खाकर सोने से बुरे सपने सताते हैं। नींद नहीं आने का इससे बड़ा कारण और क्या हो सकता है।

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