स्कूल की दीवारों पर पहले गोले बरसाता था PAK, अब खुले में बेखौफ हो रही कक्षाएं

जम्मू-कश्मीर में एलओसी के आखिरी गांव कीरनी में अचानक से माहौल बदल गया हैं। एक समय यहां भारत और पाकिस्तान की तरफ से अक्सर गोलीबारी होती रहती थी। दरअसल, कीरनी के मिडिल स्कूल के सामने पाकिस्तानी सेना की चौकियां हैं और इस तरफ ब्लैकबोर्ड पर शिक्षक बच्चों को बेखौफ होकर पढ़ा रहे हैं। यह सब संभव हो सका है क्योंकि हाल ही में भारत-पाकिस्तान सेना के बीच संघर्ष विराम समझौता हुआ हैं और स्कूल में बच्चे भी आने लगे हैं।

गोलाबारी से लगातार प्रभावित रहे कीरनी सेक्टर के इस स्कूल में सोमवार को 95 प्रतिशत छात्र-छात्राएं हाजिर मिले। इससे पहले यहां खुले में कक्षाएं लेने में शिक्षक भी घबराते थे और यह नियम के विरुद्ध था। गोलाबारी के चलते अमूमन बच्चे स्कूल के कमरों में कैद होकर रह जाते थे और इसी वजह से छात्रों की संख्या भी आधे से कम रहती थी। कई बार स्कूल को बंद रखना ही मुनासिब हो जाता। सोमवार को कक्षाएं लगने के साथ ही मिड डे मील भी परोसी गई।

स्कूल के विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच शांति समझौते की जानकारी घर वालों और आस पड़ोस के लोगों से मिली। जिसके बाद उन्होंने स्कूल आकर पढ़ाई करने का मन बनाया। उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि गोलाबारी से क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत करवाई जाए।

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