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पाकिस्तान में पहली हिंदू दलित महिला चुनी गईं सीनेटर, शपथ ली

पाकिस्तान की राजनीति में इतिहास रचने वाली हिंदू दलित महिला कृष्णा कोहली ने पाकिस्तानी संसद में बतौर सीनेट सदस्य की शपथ ग्रहण कर ली है। कृष्णा कुमारी तीन मार्च को सीनेटर चुनी गई थीं। कृष्णा कुमारी पीपीपी की सदस्य हैं। बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व वाली पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने उन्हें सिंध से सीनेट उम्मीदवार बनाया था। कृष्णा बहुत ही गरीब दलित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। कृष्णा का जन्म1979 में सिंध के नगरपारकर जिले के एक गांव में हुआ था।

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जरूरी है खुद की पहचान..

स्वतंत्रता सेनानी थे दादा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कृष्णा कोहली के दादा कृष्णा कोहली के दादा रूपलो कोहली ने १८५७ के गदर में अंग्रेजों के खिलाफ कूद पड़े थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी और आजादी के संघर्ष में बड़ा योगदान दिया।

पिता थे मजदूर

जबकि कृष्णा कोहली के पिता जुगनू कोहली काफी गरीब थे और मजदूरी करके अपना गुजारा करते थे। इसके चलते रखूखदार जमींदारों ने उनका काफी शोषण भी किया।

मिल रही हैं बधाईयां

पाकिस्तान के जाने माने पत्रकार हामिद ने ट्वीट कर कृष्णा को बधाई भी दी, उन्होंने लिखा कि गरीब हिंदू महिला सीनेटर चुनी गईं। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली दलित हिंदू महिला हैं। इसका श्रेय बिलावल भुट्टो को जाता है।

नाबालिग रहते हुए विवाह

16 साल की उम्र में ही कृष्णा का विवाह हो गया था, लेकिन, कृष्णा ने शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने सिंध यूनिवर्सिटी से सोशल सर्विस में मास्टर डिग्री हासिल की है।

पीपीपी पहले भी दे चुकी है महिलाओं को मौका

पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो, पहली महिला विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार और पाकिस्तान की राष्ट्रीय एसेंबली की पहली महिला स्पीकर फहमिदा मिर्जा भी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी से रह चुकी हैं।

पीपीपी

पाकिस्तान का एक प्रमुख राजनैतिक दल है। इसकी विचारधार गणतांत्रिक समाजवाद है। इसकी स्थापना ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो ने नेतृत्व में हुई थी। उसी समय से इस पार्टी का नेता हमेशा कोई भुट्टो-ज़रदारी परिवार का सदस्य ही रहा है। पार्टी का केंद्र पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रान्त में है, जहाँ भुट्टो परिवार की जड़ें हैं। पाकिस्तान के तीन शासक – ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो, बेनज़ीर भुट्टो और आसिफ़ अली ज़रदारी – इस पार्टी से सम्बंधित रहे हैं।

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