नैचुरल पेन किलर है पपीता, खाली पेट खाने से दर्द में मिलेगा आराम, जानिये- और क्या हैं लाभ

आज के जीवनशैली में लोग छोटी सी भी शारीरिक समस्या होने पर दवाइयों का सेवन करने लगते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि जरूरत से ज्यादा दवा खाने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है। वहीं, घर में ऐसे कई खाद्य पदार्थ मौजूद होते हैं जिसके इस्तेमाल से सिर दर्द, पेट दर्द जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। पपीता भी इन्हीं में से एक है जिसे खाने से शरीर में होने वाले दर्द खत्म हो जाते हैं। इसी वजह से इस फल को नैचुरल पेन किलर भी कहा जाता है। गर्मी के मौसम में जरूरी फाइबर से भरपूर पपीता को खाली पेट खाने से स्वास्थ्य संबंधी कई फायदे हो सकते हैं। आइए जानते हैं पपीता के स्वास्थ्य लाभ और कैसे इस्तेमाल करने से होगा अधिक फायदा-

पेट दर्द से देता है राहत: पपीते में मौजूद एंजाइम पपाइन पेट दर्द को कम करने में सहायक है। ये एक नैचुरल पेनकिलर की तरह कार्य करता है। पपाइन शरीर में साइटोकींस नाम के प्रोटीन का उत्पादन बढ़ाता है जिससे दर्द और इंफ्लामेशन यानि कि सूजन कम होता है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए माहवारी के दौरान पपीता खाना फायदेमंद हो सकता है। इस दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने में भी पपीता महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स या माहवारी के समय असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है जिसको कम करने का प्राकृतिक उपाय है इस फल को खाना। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कच्चा पपीता का सेवन फायदेमंद होता है। इसके अलावा पपीता के पत्तों का जूस पीने से दर्द कम हो जाता है।

कैसे करें इस्तेमाल: पपीते को कच्चा खाना सबसे अच्छा माना जाता है लेकिन आप इससे सलाद या स्मूदी भी बना सकते हैं। इसके अलावा, पपीता का जूस और काढ़ा भी फायदेमंद होता है। काढ़ा बनाने के लिए आप पपीते के पत्ते को पानी में डालकर उसमें इमली व नमक भी डालें। जब यह अच्छी तरह उबल जाए तो इसे हल्का ठंडा करके पीएं। वहीं, जूस बनाने के लिए सबसे पहले पपीते के पत्तों को अच्छी तरह धोएं ताकि इससे सारी गंदगी बाहर निकल जाए। इसके बाद पत्तों को तोड़कर मिक्सी में डालें। साथ ही थोड़ा-सा पानी डालकर पपीते के पत्तों को अच्छे से पीसें। इसके बाद छानकर जूस सेवन करें। स्वाद थोड़ा कड़वा लगने पर आप इसमें शहद मिला सकते हैं।

ये हैं दूसरे फायदे: डेंगू के खतरनाक प्रकोप से शरीर को बचाने में भी कारगर है पपीता। पपीते के पत्तों के रस को पीने से प्लेटलेट की संख्या में इजाफा होता है जिससे व्यक्ति जल्दी ठीक हो जाता है। पपीता खाने से कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है। इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन्स और एंटी-ऑक्सीडेंट ब्लड वेसल्स में कोलेस्ट्रॉल को जमने नहीं देते जिससे हार्ट अटैक जैसे हृदय रोग का खतरा कम होता है। जो लोग अपने मोटापे को कम करना चाहते हैं वह प्रतिदिन डाइट में कच्चे पपीते का सेवन कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कच्चा पपीता फैट को बर्न करके शरीर में जमा अतिरिक्त फैट को निकाल देता है।

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