डेंगू से निजात पाने में बहुत मददगार है पपीते की पत्तियां, जानिये कैसे

हम सभी जानते है की डेंगू एक बहुत ही गंभीर जानलेवा बीमारी है जो एक मच्छर के काटने से होती है। दवाओं से इलाज के अलावा कुछ घरेलू आर्युवेदिक नुस्खों से भी इसके असर को पूर्ण्तः कम किया जा सकता है। आपको बता दे की पपीता डेंगू से लडऩे में सबसे स्वस्थ फलों में से एक माना जाता है। पपीता कई गंभीर बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है, साथ ही इसकी पत्तियों में भी कई उपचार गुण होते हैं। इसकी पत्तियां प्लेटलेट गिनती को बढ़ाने के लिए बहुत अच्छी मानी जाती हैं और एंटी-मलेरियल गुणों से भी समृद्ध होती हैं, जिससे डेंगू बुखार और अन्य बीमारियों से लडऩे के लिए यह सबसे बेहतरीन घरेलू उपाय बन जाता है।

पपीता के पत्तों में फेनोलिक यौगिक, पेपेन और एल्कोलोइड मौजूद होते हैं और ये पोषक तत्व मजबूत एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं। जो कि हमारें शरीर की प्रतिरक्षा को पूर्ण्तः बढ़ाते हैं। इसके अलावा, पेपेन और एक अन्य यौगिक का संयोजन आवश्यक प्रोटीन को बहुत ही प्रभावी ढंग से पचाने में मदद करता है जो पाचन विकारों को भी ठीक कर सकता है।

डेंगू से पीडि़त मरीजों में पपीतें के पत्तें के सेवन से प्लेटलेट की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है। सेवन के लिए इन पत्तीयों का ज्युस बनाकर पीया जाता है। पपीता के पत्तों में मजबूत एंटी-मलेरिया गुण भी मौजूद होते हैं, एपेटोजेनिन, पपीता के पत्ते में पाया गया एक यौगिक मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारी को रोकने में पूर्ण्तः मदद करता है।