मूंगफली का तेल है ज्यादा गुणकारी, होते हैं जबर्दस्त फायदे

मूंगफली का तेल जैतून के तेल के समान है। जैतून का तेल बहुत महंगा मिलता है। इसलिए इसकी जगह मूंगफली का तेल इस्तेमाल में ले सकते हैं। थोड़ी सी भुनी मूंगफलियां निश्चय ही पोषक तत्वों की दृष्टि से लाभकरी है।

गर्भावस्था- गर्भकाल में साठ ग्राम मूंगफली रोज खाने से गर्भस्थ शिशु की प्रगति में लाभ होता है। सेंकी हुई मूंफली पीसकर पाउडर बना लें। एक गिलास गर्म दूध में तीन चम्मच पाउडर डालकर नित्य एक बार पीने से स्वस्थ शिशु का जन्म होगा। सेंकी हुई मूंगफली खाती जाएं और दो-दो घूंट पिएं। इस विधि से भी सामान लाभ होगा।

दूधवृद्धि- रोज कच्ची मूंगफली खाने से दूध पिलाने वाली माताओं का दूध बढ़ता है। नई सिकी हुई मूंगफली नियमित खाते रहने से भी माताओं को दूध में भी वृद्धि होती है।

होंठ- नहाने से पहले हथेली में चौथाई चम्मच मूंगफली का तेल लेकर अंगुली से हथेली में रगड़ें और फिर होंठों पर इस तेल की मालिश करें। होंठों के लिए यह लाभप्रद है।

मोटापा घटाना- खाना खाने से कुछ समय पूर्व थोड़ी सी भुनी हुई मूंगफली बिना चीनी का चाय या कॉफी के साथ ली जाए तो भूख जल्दी शांत हो जाती है और व्यक्ति कम भोजन खाता है। इस प्रकार शरीर का वजन कम होने लगता है।

हद्य- मूंगफली में विटामिन बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसे शरीर के लिए आवश्यक कैलोरीज का भंडार कहा जाता है। इसके उपरान्त भी मूंगफली के प्रयोग में यह विशेषता है कि इसमें ह्रदय को हानि पहुंचाने वाला कोलेस्ट्रॉल नामक पदार्थ नहीं होता। इसमें मोनो अनसेचुरेटेड फैटी एसिड होता है। जो ह्रदय रोग के खतरे को कम करता है।

मूंगफली का तेल- ह्रदयरोगियों के लिए मूंगफली का तेल बहुत ही लाभप्रद होता है। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ने नहीं देता है। यह पौष्टिक और स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। यह सरलता से पच जाता है। इसमें प्रोटीन इतनी पर्याप्त मात्रा में होता है जिससे कि प्रोटीन के लिए कोई अन्य चीज लेने की आवश्यकता ही नहीं होती है।

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