इन गंभीर बीमारियों से घिर जाता है शराब का सेवन करने वाला इंसान

शराब शरीर के लगभग सभी अंगो पर अपना बुरा प्रभाव छोड़ता है अैर शरीर का शायद ही कोई अंग इसके दुष्प्रभाव से वंचित रहता है। वह व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन जाता है। शराब छोड़ने की कोशिश करने पर कई प्रकार के शारीरिक व मानसिक तकलीफें होती है और व्यक्ति इसका लगातार सेवन करने के लिए बाध्य हो जाता है। शराब की लत धीरे धीरे कई बिमारियों से घेर लेती है, शराब से पाचनतंत्र पूरी तरह काम करना बंद कर देता है,शरीर में शराब घुलकर खून को बिल्कुल पानी कर देती है। बॉडी एक हद तक शराब को सहन कर सर्कुलेट करती है। अल्कोहल की अत्यधिक मात्रा बढ़ने पर शरीर के सभी अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देते हैं। शराब का सबसे ज्यादा असर फेफड़े और यकत, किडनी पर होता है। शराब से यह अंग बिल्कुल डैमेज हो जाते हैं और पीने वाला जिंदगी के अंतिम छोर पर पहुंच जाता है।

शराब व्यक्ति के जीवन में कई स्तरों पर अपना प्रभाव डालती है। जैसे-मानसिक स्तर पर उत्तेजना, चिड़चिड़ापन, उदासी, आदि। व्यवसायिक क्षेत्र में कार्य दक्षता और क्षमता में गिरावट। सामाजिक स्तर पर धीरे-धीरे समाजिक गतिविधियों से विमुख होना और दूसरो की नजर में गिरना आदि।

शराब छोड़ने पर शरीर में कम्पन होना, रक्तचाप अनियमित हो जाना, घबराहट, बेचैनी होना, कानों में आवाज सुनाई पड़ना, आँखो के सामने कीड़े-मकोडे़ चलते नजर आना, भयभीत होना, नींद न आना आदि। दुबारा सेवन करते ही इन लक्षणें में सुधार होना पाया जाता है।

जब व्यक्ति लगातार शराब पीने लगता है तब समस्याओं की निरंतर बढ़ती हुई स्थितियां आती है तथा शारीरिक समस्याएँ विशेष रूप से पेट की बीमारियां, यकृत (लीवर) की बीमारी विशेषतः सिरोसिस, स्नायु तंत्र की कमज़ोरियां, कैंसर आदि।

नोट: दृढ़ निश्चय के बाद ही शराब से छुटकारा पाया जा सकता है। 

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